दुष्कर्म मामले में दिल्ली पुलिस ने दाती महाराज सहित उसके तीन सौतेले भाइयों को बिना गिरफ्तार किए सोमवार को चार्जशीट दाखिल कर दी। दाती की शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाकर फतेहपुर बेरी थाने में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने आरोप-प्रत्यारोप का हवाला देकर यह चार्जशीट दाखिल की है। साकेत जिला अदालत सीएमएम पूजा तलवार ने चार्जशीट पर विचार करने के लिए 12 अक्टूबर की तारीख मुकर्रर की है। इस मामले में सीबीआई जांच के लिए पीड़िता की याचिका पर हाईकोर्ट में तीन अक्टूबर को सुनवाई होनी है।
दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट में कहा है कि दाती व अन्य आरोपियों को गिरफ्तार करने लायक साक्ष्य नहीं मिले हैं। यह चार्जशीट केवल पीड़िता के पुलिस व कोर्ट को दिए बयान के आधार पर दाखिल की गई है। इसके साथ आरोपियों, उनके सहयोगियों व अन्य के मोबाइल रिकार्ड की फॉरेंसिक रिपोर्ट भी सौंपी है। इसमें कई अहम जानकारियां सामने आने का पुलिस ने दावा किया है।
पुलिस ने यह दी दलील
करीब 300 पन्नों की चार्जशीट में पुलिस ने कहा गया है कि पीड़िता ने तीन तारीखों पर दुष्कर्म होने का आरोप लगाई थी। उसने एक बार राजस्थान के पाली स्थित आश्रम में दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगाया लेकिन उस दिन वह अजमेर में अपने कॉलेज में थीं। इसकी पुष्टि हाजिरी रजिस्टर से हुई है। दूसरी बार पीड़िता की ओर से दिल्ली के फतेहपुर बेरी स्थित शनिधाम में दुष्कर्म की बात कही गई है, उस दिन शनि अमावस्या थी। आश्रम में हजारों लोग मौजूद थे। मदनलाल उस दिन अपनी विशेष पूजा में व्यस्त थे।
पीड़िता का यह है आरोप
पीड़िता का आरोप है कि वह 2005 से दाती महाराज के संपर्क में थी। वह उसके कॉलेज का खर्च भी उठाता था। दो साल पहले चरण सेवा के नाम नौ जनवरी 2016 को दाती महाराज ने फतेहपुर बेरी स्थित आश्रम में उससे दुष्कर्म किया। इस बाबत पीड़िता ने दस जून 2018 को दाती महाराज व उसके भाइयों के खिलाफ दुष्कर्म की एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसके बाद पीड़िता ने मामले की सीबीआई जांच के लिए 17 जुलाई को हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।