उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने नकली कागजातों का इस्तेमाल कर लोन धोखाधड़ी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत दो लोगों को पकड़ा है। आरोपियों ने एक महिला उद्यमी की कंपनी के नाम पर 7.30 लाख रुपये की ठगी की थी। लिंक किए गए बैंक खातों में 5.3 करोड़ रुपये से अधिक के कुल लेनदेन का पता चला है और गिरोह के खिलाफ छह शिकायतें मिलीं हैं।
मुख्य आरोपी साहिल को गिरफ्तार किया गया है, जबकि महिला को मामले में पाबंद किया गया है। साहिल ने बीटेक की पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। वहीं, कैलाशपुरी, डाबरी, दिल्ली निवासी 34 वर्षीय महिला ने ग्रेजुएट के अलावा जेबीटी भी किया है।
पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि बुराड़ी की रहने वाली मेडिनेक्स हर्बो केयर की मालिक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्हें जुलाई 2025 में एक फोन कॉल आया, जिससे पता चला कि दिसंबर 2023 में उनकी कंपनी के नाम पर 7.30 लाख रुपये का लोन लिया गया था। महिला को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब उन्होंने अपनी बेटी की पढ़ाई के लिए लोन के लिए आवेदन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पैन, जीएसटी डिटेल्स, सिग्नेचर और अन्य दस्तावेज का गलत इस्तेमाल किया गया।
पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट ने बताया कि आरोपी लोन लेने वालों को निशाना बनाने के लिए टेलीग्राम ग्रुप का इस्तेमाल करते थे। वे मंजूर हुई रकम का 30 फीसदी कमीशन के तौर पर लेते थे। आरोपी पीड़ितों की निजी और वित्तीय जानकारी, बैंक अकाउंट की जानकारी, आधार कार्ड और फोटो अपने पास रख लेते थे। वे सिम कार्ड का नियंत्रण भी अपने पास रखते थे, ताकि अकाउंट होल्डर खुद से कोई लेनदेन न कर सकें। आरोपी ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म से असली पहचान और कारोबार से जुड़े पैन कार्ड, जीएसटी सर्टिफिकेट और उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में बदलाव कर फर्जी कागजात बनाते थे।
जांच और कार्रवाई
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी रोहित गहलोत, एसआई अरविंद यादव और हवलदार हिमांशु की टीम ने जांच शुरू की। संदिग्धों का पता सोनीपत (हरियाणा) और द्वारका (दिल्ली) में चला। जांच में पता चला कि लोन की रकम महिला के नाम पर कोटक महिंद्रा बैंक के अकाउंट में जमा की गई थी, जिसे बाद में दूसरे खातों में ट्रांसफर किया गया। पुलिस टीम ने नहरा, सोनीपत से 36 वर्षीय साहिल को पकड़ा। साहिल ने नकली कागजात और महिला के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी वाला आवेदन जमा किया था। पुलिस ने कैलाश पुरी, द्वारका में 19 सितंबर को 34 वर्षीय महिला का पता लगाया और उसे मामले में पाबंद किया। उसके डिवाइस पर वॉलेट और वित्तीय लेनदेन से जुड़ी व्हाट्सएप चैट भी मिलीं। पुलिस ने आरोपियों के पास से दो मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए हैं।