रिमोट-कंट्रोल्ड खिलौना कार का सर्किट खोला था
मूल रूप से आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश निवासी 10 वीं तक पढ़ा मोसैब अहमद उर्फ सोनू उर्फ कलाम भारत तथा विदेश (सऊदी अरब और कतर सहित) में वेल्डर, ऑटो मैकेनिक और ऑटो इलेक्ट्रीशियन सहित कई तरह के काम किए हैं। फिलहाल वह ठाणे में एक निजी ऑटोमोबाइल वर्कशॉप में काम कर रहा था। वह कई ऑनलाइन ग्रुप का हिस्सा था, जहां ''लश्कर-ए-महदी'' और ''जिहाद'' से जुड़ी चर्चाएं होती थीं। उसने आरोपी मोहम्मद हम्माद की मदद की। उसने आईईडी बनाने के लिए एक रिमोट-कंट्रोल्ड खिलौना कार का सर्किट खोला और उसकी तस्वीर एक ''क्लोज्ड ग्रुप'' में शेयर की।
आईईडी को असेंबल करने का काम सौंपा गया
मुंबई, महाराष्ट्र निवासी मोहम्मद हम्माद जनवरी 2026 के आस-पास, वह एक ''क्लोज्ड ग्रुप'' में शामिल हुआ, जिसमें मोसैब अहमद जैसे अन्य सक्रिय सदस्य भी शामिल थे। इस ग्रुप में ''जेहाद'' और ''गज़वा-ए-हिंद'' पर चर्चाएं होती थीं। उसने आईईडी बनाने के सामान के तौर पर बॉल बेयरिंग, कीलें, रिमोट-कंट्रोल्ड खिलौना कार और बक्सों की तस्वीरें एक ''क्लोज्ड ग्रुप'' में शेयर कीं। उसने ये चीज़ें सह-आरोपी मोसैब अहमद को सौंप दीं। मोसैब अहमद पेशे से मैकेनिक था, इसलिए उसे आईईडी को असेंबल करने का काम सौंपा गया था।
लालकिले की रेकी के लिए आया था
भुवनेश्वर, ओडिशा निवासी शेख इमरान एक सिक्योरिटी गार्ड और डिलीवरी बॉय के तौर पर काम किया। वर्ष 2024 में उन्होंने तारिक जमील, इसरार अहमद, ज़ाकिर नाइक आदि के लेक्चर/तक़रीरें सुनना शुरू किया और धीरे-धीरे उनमें कट्टरपंथी विचार पनपने लगे। सोशल मीडिया के ज़रिए उनकी मुलाकात अपने साथियों मोहम्मद हम्माद उर्फ़ मैड सिद्दीकी और मोसैब अहमद से हुई। उन्होंने एक क्लोज़्ड ग्रुप बनाया जहां जिहाद, खिलाफत और ग़ज़वा-ए-हिंद पर चर्चाएं होती थीं। उन्होंने राम मंदिर, संसद और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने पर चर्चा की। दिसंबर 2025 में वह लाल किला और इंडिया गेट की रेकी करने के लिए दिल्ली आया था। उन्होंने ग्रुप के सदस्यों से वादा किया कि वह ओडिशा में हथियारों की ट्रेनिंग और घुड़सवारी समेत शारीरिक ट्रेनिंग का इंतज़ाम करेंगे, और इसके लिए उन्होंने सदस्यों से चंदा देने को कहा।
डॉ. इसरार अहमद की तकरीरों से प्रभावित था
बिहार के कटिहार निवासी मोहम्मद सोहेल पेशे से एक प्लंबर है। वह डॉ. इसरार अहमद की तकरीरों से प्रभावित था। उसने सोशल मीडिया पर कई अकाउंट बनाए और जिहाद के नाम पर युवाओं को उकसाया। मार्च 2026 में, उसने अपने चैनल के फॉलोअर्स को ग़ज़वा-ए-हिंद के लिए हथियार और विस्फोटक जमा करने के लिए भड़काया। उसने जिहाद के नाम पर पैसे इकट्ठा करने के लिए अपना बैंक अकाउंट/क्यूआर कोड शेयर किया।