इस बीच एसीपी गजेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर विनय यादव व अन्यों की टीम को बुधवार सूचना मिली कि गैंग के कुछ सदस्य पुरी (ओडिशा) रथ यात्रा में वारदात कर को अंजाम देकर दिल्ली लौटे हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए मौजपुर में टीम को तैनात कर दिया गया।
पुलिस ने असलम और मुकेश को एक बैग के साथ दबोच लिया, जिसमें 46 महंगे मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुए। आरोपियों ने बताया कि उनके गैंग में 15 से अधिक सदस्य हैं, जो देश के अलग-अलग हिस्सों में वारदात को अंजाम देते हैं।
गैंग ने कुछ नाबालिग लड़कों को भी दिल्ली-एनसीआर में वारदात करने के लिए ट्रेनिंग दी है, वह चोरी कर माल इनको लाकर देते हैं।
पूरे देशभर में होने वाले बड़े आयोजनों का पता लगाने के लिए आरोपी अखबार का सहारा लेते थे। बड़े आयोजन जहां पर महंगे टिकट होते हैं, उनको ऑनलाइन बुक करते थे। बाद में गैंग के सदस्य हवाई जहाज या एसी ट्रेन से वहां जाते थे। महंगे ब्रांडेड कपड़े पहनकर आरोपी आयोजन में शामिल होते थे। भीड़ में घुसकर मोबाइल, पर्स व अन्य कीमती सामान चोरी करते थे।
देश के कई राज्यों में दिया वारदात को अंजाम
गिरोह ने पुरी रथ यात्रा (ओडिशा), गणपति विसर्जन (मुंबई), एफ-1 कार रेसिंग (ग्रेटर नोएडा), ऑटो एक्सपो (ग्रेटर नोएडा), ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे उद्घाटन (बागपत), अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच, हार्डवैल डीजे शो (मुंबई), जस्टिन बीबर लाइव कंसर्ट (मुंबई), नवरात्र गरबा फेस्टिवल (गुजरात), सैमसंग फैक्टरी ओपनिंग (नोएडा) मिका लाइव शो (गुरुग्राम), वर्ल्ड कल्चर फेस्टिवल (दिल्ली), न्यू ईयर (2017-18 गोवा) और ईद (ईदगाह दिल्ली) यहां वारदातों को अंजाम दिया है।
आरोपियों ने बताया कि 27 मई 2018 को ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और हाल में नोएडा में सैमसंग फैक्टरी के उद्घाटन के दौरान जुटी भीड़ को भी निशाना बनाया। आरोपियों ने बागपत में ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे के उद्घाटन के समय 50 से अधिक लोगों के मोबाइल चोरी किए थे, इनकी रिपोर्ट बागपत थाने में की गई थी। पुलिस दोनों की तलाश कर रही है।
सरगना नाबालिग बच्चों को खरीदकर देता था ट्रेनिंग
गिरोह के सरगना असलम ने बताया कि वह परिवार के साथ नंद नगरी में रहता है। वह इलाके के थाने का भगोड़ा घोषित बदमाश है। उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 19 से अधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी ने करीब 20 साल पहले अपना गैंग बनाया था।
शुरूआत में यह बच्चा चोर गैंग के सदस्यों से नाबालिग बच्चों को खरीदकर अपने पास रखता था। उन्हें ट्रेनिंग देकर उनसे चोरियां करवाता था। इसके पास 10 साल से ऊपर के नाबालिग बच्चे हैं। शुरूआत में यह दिल्ली और आसपास के इलाकों को निशाना बनाता था, बाद में यह देशभर में वारदातों को अंजाम देने लगा। इसके गैंग में हमेशा 15 से अधिक सदस्य रहते थे।