दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने मंगलवार को दो शूटर पकड़े। मामूली मुठभेड़ के बाद पकड़े गए दोनों शूटर जितेंद्र गोगी गिरोह के सदस्य हैं। इनके कब्जे से एक चोरी की स्कूटी, एक अत्याधुनिक पिस्तौल और कारतूस बरामद हुआ है।
दिल्ली के नांगलोई इलाके में मोटरसाइकिल पर आए दो बदमाशों ने सोमवार को प्लाइवुड की दुकान पर फायरिंग की थी। इसके बाद यहां 10 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। इसके बाद बदमाशों ने अलीपुर में प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। अपराध शाखा में तैनात एसीपी विवेक त्यागी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अजय शर्मा की एक टीम आरोपी बदमाशों की तलाश कर रही थी।
टीम को पता चला कि दोनों गोलीबारी में एक ही गिरोह के बदमाश शामिल हैं। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि शूटर नरेला में आने वाले हैं। इस पर एसआई अजीत, हवलदार नरेंद्र, आकाश, नीरज और एसआई हितेश भारद्वाज की एक टीम यहां पहुंची।
टीम ने यहां लगभग रात 8:15 पर संदिग्धों को एक स्कूटी पर इंतजार करते देखा। पुलिस को देखते ही संदिग्धों ने भागने का प्रयास किया। एक संदिग्ध ने पिस्तौल पुलिसकर्मियों की तरफ तान दी। हवलदार नरेंद्र ने बहादुरी से हथियारबंद संदिग्ध को पकड़ लिया, जबकि एसआई अजीत और टीम ने दूसरे संदिग्ध को पकड़ लिया।
गिरफ्तार शूटर की पहचान दिल्ली के खेड़ा खुर्द निवासी 18 वर्षीय आकाश राठौर के रूप में हुई। वहीं, दूसरा आरोपी नाबालिग है। दोनों ने खुलासा किया कि वह गोगी गैंग के सदस्य है। उन्होंने जबरन वसूली की योजना के तहत नांगलोई और अलीपुर में गोलीबारी की थी।
आकाश ने बताया कि वह कुख्यात गैंगस्टर योगेश उर्फ टुंडा और मोंटी मान के साथ-साथ उनके सहयोगी राम निवास उर्फ मोगली के निर्देश पर काम कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि योगेश टुंडा को पूछताछ के लिए रिमांड पर लाया जाएगा।