हफ्ते में पांच दिन झपटमारी या वाहन चोरी और बाकी दो दिन वीकएंड पर मौज-मस्ती...। जी हां मध्य जिला के सिद्धिपुरा पुलिस चौकी स्टाफ झपटमारों के मामा गैंग का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गैंग सरगना शुभम उर्फ मामा (19), यश (19) और लूटे व झपटे गए मोबाइल के खरीदार मो. तौफीक (23) के रूप में हुई है।
तौफीक गफ्फार मार्केट करोल बाग में मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाता है। वह शुभम और यश से झपटे गए मोबाइल खरीदकर उनके आईएमईआई नंबर बदल देता था। बाद में उनको बेच देता था। पुलिस आरोपियों के पास से कुल 16 मोबाइल फोन और पांच स्कूटी व अन्य सामान बरामद किया है।
आरोपी शुभम व यश बारात घर और कम्यूनिटी हॉल के पास महिलाओं को निशाना बनाते थे। हफ्ते में महज पांच ही दिन झपटमारी करने के साथ आरोपी पुलिस से बचने के लिए हर दिन चोरी की नई स्कूटी का इस्तेमाल करते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त संजय भाटिया ने बताया कि पिछले काफी दिनों से करोल बाग और उसके आसपास के इलाकों में झपटमार शादी घरों के आसपास रात के समय महिला व अन्य लोगों के साथ झपटमारी कर रहे थे। मामले की जांच डीबीजी रोड थाना प्रभारी मधुकर राकेश के अलावा सिद्धिपुरा पुलिस चौकी इंचार्ज संदीप गोदारा कर रहे थे।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वारदात में मामा गैंग का हाथ है, जिसे पुलिस ने कभी नहीं पकड़ा है। पुलिस ने जांच की तो शनिवार रात को उनके रानी झांसी रोड, एमटीएनएल पार्क के पास आने की सूचना मिली। पुलिस ने वहां जाल बिछा दिया। पुलिस टीम को देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने पीछा कर आरोपियों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि लूटे गए मोबाइल वह गफ्फार मार्केट में तौफीक नामक दुकानदार को बेचते हैं। पुलिस ने छानबीन के बाद उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
शुभम व यश ने बताया कि पांच दिन लूटपाट करने के बाद दो दिन वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ टाइम बिताते हैं। अपने शौक पूरे करने के लिए वह झपटमारी की वारदात को अंजाम देते थे। तौफीक इनसे मोबाइल खरीदकर उनके आईएमईआई नंबर बदलकर बेचता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।