मध्य जिला पुलिस ने 1.14 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी के मामले में साइबर अपराधियों को म्यूल सिम उपलब्ध कराने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मनोज (22) और यश सैनी (23), दोनों मेवात (हरियाणा) के रहने वाले हैं और 22 जुलाई को फिरोजपुर झिरका से पकड़े गए।
मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह रोहित राजबीर सिंह के अनुसार, पीड़ित को एक व्यक्ति ने संदेश भेजा कि उसके परिवार के सदस्य के इलाज के दौरान गलती से पैसे उसके खाते में आ गए हैं। बैंक से राशि जमा होने का संदेश आने पर पीड़ित ने ठग द्वारा भेजे क्यूआर कोड के जरिये 1.14 लाख रुपये वापस भेज दिए। बाद में उसे ठगी का पता चला।
जांच में पता चला कि सिम मनोज के नाम पर पंजीकृत था। पूछताछ में उसने स्वीकारा कि वह अपने नाम पर जारी सिम पैसे लेकर बेचता था और 10-15 सिम यश को उपलब्ध कराए थे। यश स्थानीय स्तर पर सिम जुटाकर मेवात के साइबर गिरोहों तक पहुंचाता था। पुलिस ने एक सक्रिय म्यूल सिम बरामद किया है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
सिमकार्ड उपलब्ध कराने की बात कबूल की
पूछताछ में आरोपी मनोज ने बताया कि उसने पैसे कमाने के लिए अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड यश सैनी को बेचे थे। उसने साइबर अपराधों में इस्तेमाल के लिए लगभग 10-15 सिम कार्ड सप्लाई करने की बात कबूल की। यह भी पता चला कि यश सैनी स्थानीय स्तर पर सिम कार्ड खरीदता था और पकड़े जाने से बचने के लिए सब्सक्राइबर की जानकारी में हेरफेर करके उन्हें मेवात से चल रहे साइबर क्राइम सिंडिकेट को सप्लाई करता था। जांच में पता चला कि आरोपी मनोज सिम कार्ड उपलब्ध कराने का आदी था और उसने पहले भी साइबर अपराधों में इस्तेमाल के लिए अपने नाम पर रजिस्टर्ड लगभग 10-15 सिम कार्ड सप्लाई किए थे।