वारदात कमला मार्केट थाने से कुछ दूरी पर हुई थी। एसीपी नरेश कुमार, इंस्पेक्टर ललित कुमार, सुनील कुमार व एसआई संदीप गडारा आदि की टीम ने जांच शुरू की। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से पता चला कि वारदात में काले रंग की एक यामाहा एफजेड-एस व ग्रे कलर की स्कूटी का इस्तेमाल हुआ। इसकी पड़ताल करते हुए पुलिस ने 70 कैमरों की फुटेज खंगाली। उससे सुराग मिला कि बाइक का नंबर बीच में एसवी और आखिरी में 41 था। जांच में पता चला कि ऐसी 200 बाइक बिकी। पुलिस ने इन बाइकों के आधार पर एक-एक कर उनके मालिकों को तलाशा। घटनास्थल पर डंप डाटा को भी खंगाला गया। पुलिस को एक नंबर की पहचान हुई। लंबी पड़ताल के बाद पता चला कि यामाहा बाइक को मार्च में खरीदा गया था। उसके मालिक को बुलाकर पूछताछ की गई तो लूट की वारदात से पर्दा उठ गया। बाइक का मालिक गिरोह सरगना प्रिंस विनोद था, जो इंद्रपुरी दिल्ली में रहता था। पुलिस ने इसकी निशानदेही पर बाकी दोनों आरोपी दक्षिणपुरी निवासी प्रदीप मंतोष और मदनगिरी निवासी कनक रतनाम को राजेंद्र नगर से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी प्रिंस विनोद ने पुलिस को बताया कि उनका गिरोह पांच साल से सक्रिय है। मुंबई, इंदौर, सूरत, अहमदाबाद, जयपुर और दिल्ली में सैकड़ों वारदात को अंजाम दिया। गिरोह में इन तीनों के अलावा अजय व एक अन्य सदस्य और है। यह कभी सड़क पर तेल गिराकर, कभी ठक-ठककर, कभी सड़क पर नोट गिराकर वारदात को अंजाम देते रहे हैं। तीन-चार महीने पहले इन लोगों ने नए तरीके से लूटपाट की वारदात को अंजाम देना शुरू किया। इन लोगों ने ऑनलाइन इलेक्ट्रिक शॉक टॉर्च मंगाई। बटन दबाकर किसी को भी करंट लगा दिया जाता है, जिससे पीड़ित एकदम घबरा जाता है। यह लोग इससे पूर्व लूट में कभी नही पकड़े गए। गिरोह के सदस्य स्कूटी, बाइक व इनोवा कार से चलते थे। लूट की वारदात के समय स्कूटी व बाइक का इस्तेमाल किया जाता था। घटना स्थल क पास इनकी इनोवा खड़ी रहती थी। लूट के माल को उसमें डालकर आरोपी फरार हो जाते थे। दूसरे राज्यों में जाने के लिए यह अपनी इनोवा का इस्तेमाल करते थे।
आरोपी प्रिंस विनोद ने बताया कि कोई बड़ा हाथ लगने के बाद वह भगवान को खुश करने के लिए राजस्थान स्थित बालाजी मंदिर जाते थे। वहां भगवान को लूट की रकम का कुछ हिस्सा चढ़ाया जाता था। इसके बाद वह भगवान से माफी मांगकर दोबारा किसी लूट की तैयारी करते थे।
प्रिंस विनोद ने खुलासा किया है कि वह बेटी की शादी की अभी से तैयारी कर रहा था। लूटपाट के दौरान जो जेवरात उसे पसंद आ जाते थे, वह उनको बेचता नहीं था। प्रिंस के घर से पुलिस ने आठ लाख रुपये के जेवरात और 20 महंगी घड़ी बरामद की हैं। यह माल इन लोगों ने मुंबई से उड़ाया था। विनोद इससे पूर्व एक मारपीट के मामले में शामिल रहा है, जबकि मंतोष व कनक रतनाम हत्या और हत्या के प्रयास के मामले में शामिल रहे हैं।