एक वर्ष में कीं सात हत्याएं
आरोपी चंद्रकांत ने वर्ष 2006 से 2007 के बीच सात हत्याएं की। हत्या करने के बाद वह शरीर से सिर अलग कर शव के टुकड़े-टुकड़े कर देता था। शव के टुकड़ों को तिहाड़ जेल समेत दिल्ली के दूसरे इलाकों में ठिकाने लगाने के बाद पुलिस को फोन करता था। वह शव की जानकारी देने के अलावा उसके साथ एक पत्र भी छोड़ता था। उसमें वह पुलिस व बाकी एजेंसियों को पकड़ने की चुनौती देता था।
ऐसे हुई गिरफ्तारी
अपराध शाखा के अतिरिक्त आयुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि चंद्रकांत झा के गायब होने के बाद अपराध शाखा की टीम ने इंस्पेक्टर सत्येंद्र माेहन के नेतृत्व में जांच शुरू की। छानबीन के बाद उसके हर ठिकाने पर छापेमारी की गई, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। सीसीटीवी कैमरों के अलावा उसके परिवार, दोस्तों व रिश्तेदारों पर नजर रखी गई। करीब छह माह की लंबी पड़ताल के बाद टीम को एक मोबाइल नंबर से उसका लिंक मिला। उसके आधार पर टीम ने शुक्रवार को उसे पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से दबोच लिया। वह दिल्ली से बाहर भागने का प्रयास कर रहा था।
नेट फि्लिक्स ने बनाई डॉक्यूमेंट्री फिल्म
सीरियल हत्याकांड के बाद वर्ष 2007 में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में तीन मामलों में उसे उम्र कैद की सजा हो गई। चंद्रकांत 1990 में दिल्ली आया था। उसने दो शादियां की हैं और उसकी पांच बेटियां हैं। चंद्रकांत झा इतना खतरनाक हत्यारा था कि उसकी जिंदगी पर नेट फि्लिक्स ने एक डॉक्यूमेंट्री बुचर ऑफ दिल्ली बना दी।