दक्षिण जिला पुलिस ने अवैध बांग्लादेशियों के गठजोड़ का भंडाफोड़ करते हुए 13 बांग्लादेशियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने स्थानीय लोगों की मदद से अवैध रूप से दस्तावेज बनवा रखे थे और उनके आधार पर नौकरी व व्यवसाय कर रहे थे। इनके पास से भारतीय पहचान पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य पहचान दस्तावेज बरामद किए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जो लोग अवैध रूप से बांग्लादेशियों को भारत में प्रवेश कराने और बसने में मदद कर रहे हैं उन सभी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है। इसमें पहचान दस्तावेज बनाने वाले भी शामिल हैं।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद आलमगीर, सलाम खान, मोहम्मद ज्वेल इस्लाम, मोहम्मद लतीफ खान, मोहम्मद नदीम शेख, मोहम्मद मिजानुर रहमान, रबीउल, अब्दुल करीम, मोहम्मद, रेजाउल (रियाज-उल), सैदुल, मोहम्मद राजू, मोहम्मद सुहैल खान और मोहम्मद शाहीन के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि पुलिस टीम को 11 मार्च को विभिन्न कूड़ा बीनने वालों और स्क्रैप श्रमिकों का सत्यापन करते समय निजाम नगर, हजरत निजामुद्दीन में रह रहे कुछ अवैध प्रवासियों के बारे में सुराग मिला। अवैध प्रवासियों की तलाश करते समय टीम ने मो. ज्वेल इस्लाम नामक एक व्यक्ति को पकड़ लिया।
कई अवैध बांग्लादेशियों ने भारत में की शादी
आरोपियों ने बताया कि उन्होंने स्थानीय एजेंटों/तस्करों की मदद से भारत-बांग्लादेश सीमा पार की। फिर दिल्ली के लिए ट्रेन पकड़ी और तब से दिल्ली में रह रहे थे। मोहम्मद आलमगीर (34) वर्ष 2007 में भारत आया और स्क्रैप डीलर के रूप में काम करना शुरू किया। उसने भारत में एक महिला से शादी की और उसके दो बेटे हैं। उसका छोटा भाई मोहम्मद ज्वेल इस्लाम (27) भी 2021 में भारत आया और उसके साथ स्क्रैप डीलर के रूप में काम करने लगा। वहीं, सलाम खान (54) वह कूड़ा बीनने और कबाड़ एकत्र करने का काम करता है। उसने भी भारत में एक महिला से शादी की। उसके पांच बच्चे हैं। बड़े बेटे और बेटी की शादी भी हो चुकी है। मोहम्मद लतीफ खान (37) वर्ष 2015 में भारत आया और कूड़ा बीनने का काम करने लगा। वह यहां से अपने परिजनों को रिश्तेदारों के माध्यम से बांग्लादेश पैसे भेजता है। मोहम्मद नदीम शेख वर्ष 2021 में भारत आया और अपने भाई मोहम्मद लतीफ के साथ क्लीनर, स्वीपर आदि के रूप में काम करने लगा। ये 2015 से भारत में रह रहा था। इसी तरह अब्दुल करीम (25) 2015 में भारत आया और अब एक आवासीय इमारत में केयरटेकर के तौर पर काम करता है। इसने भी भारत में शादी की। मोहम्मद रेजाउल (रियाज-उल) (24) पहले 2000 में भारत आया और कैब ड्राइवर (ओला/उबर) के तौर पर काम करता है। इसने भी यहां आकर शादी की। सैदुल 26 साल पहले 1998 में भारत आया था और निजामुद्दीन में एक चाय की दुकान चलाता है। उसने कूच बिहार, पश्चिम बंगाल, भारत में एक महिला से शादी की है।
निजामुद्दीन का है घोषित बदमाश, 23 अपराधों में शामिल
मोहम्मद राजू (38) ने दिल्ली में एक महिला से शादी की और उसके दो बच्चे हैं। वह एक शातिर अपराधी है और चोरी, सेंधमारी, झपटमारी आदि जैसे 23 अपराधों में शामिल है। मोहम्मद शाहीन (35) के माता-पिता बांग्लादेश से आए थे। उसने भारत में एक महिला से शादी कर ली और उसकी एक बेटी और एक बेटा है।
पुलिस की आम जनता से अपील
जिला पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने आम जनता से अपील करते हुए सलाह दी है कि अवैध अप्रवासियों से सावधान रहें। ऐसे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जल्द से जल्द स्थानीय पुलिस के ध्यान में लाए। ऐसा न करने पर इन अवैध अप्रवासियों को आश्रय देने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सकती है। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस ने इस संदेश को अपने इलाकों के निवासियों तक फैलाने के लिए आरडब्ल्यूए/एमडब्ल्यूए से भी सहयोग मांगा गया है।
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