पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए खुद को जज बताने वाले एक ठग व वाहन चोर को नरेला औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी पर वाहन चोरी के तीस मामले दर्ज हैं जबकि ठगी व चोरी के दो मामले में वह भगोड़ा है। जिला पुलिस उपायुक्त गौरव शर्मा ने बताया कि नरेला औद्योगिक थाने में तैनात हवलदार विकास की टीम को भगोड़े बदमाशों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए थे।
पुलिस टीम भगोड़े बदमाशों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को बहादुरगढ़ निवासी राजीव गोयल (39) के बारे में जानकारी मिली। जो ठगी व चोरी के दो मामलों में भगोड़ा था और उस पर वाहन चोरी के 30 मामले दर्ज हैं। बदमाश पर निगरानी बढ़ाने पर पता चला कि वह रोहिणी में किसी महिला के साथ सहमति संबंध में रह रहा है। पुलिस टीम ने इसके बाद उसे रेलवे रोड बहादुरगढ़ हरियाणा से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस से बचने के लिए दो बार दिखाया जज का फर्जी पहचान पत्र
छानबीन में पता चला कि आरोपी अपने पास जज का फर्जी पहचान पत्र रखता था। वाहन चोरी करने के दौरान अगर कोई पुलिसकर्मी उसे पकड़ने की कोशिश करता था तो वह जज का फर्जी पहचान पत्र दिखाकर पुलिस पर रौब झाड़ता था।
वर्ष 2012 में पश्चिम विहार थाना पुलिस ने वाहन चोरी करने के मामले में उसे गिरफ्तार किया था। उस दौरान उसने फर्जी पहचान पत्र दिखाकर खुद को जज बताया और पुलिसकर्मियों पर रौब जमाने की कोशिश की। उसने सख्ती से पूछताछ करने पर अपराध कबूला और 15 कारों की बरामदगी करवाई थी।
वर्ष 2014 में आरोपी सीकर राजस्थान अपनी कार पर लालबत्ती और भारत का लाट लगाकर एक पेट्रोल पंप पर पहुंचा। वहां कार की टंकी फुल करवाने के बाद वह बिना भुगतान किए वहां से अपनी कार भाग गया। पेट्रोल पंप कर्मियों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसकी कार रोक लिया।
आरोपी ने वहां अपना परिचय पत्र दिखाया और खुद को अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बताया लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जांच की तो सारा राज खुल गया। वह 90 दिनों तक जज बनकर काम कर चुका है लेकिन जब किसी को इसकी फर्जीवाड़े का पता चला तो वह फरार हो गया। जांच के बाद पुलिस ने बताया कि आरोपी ने गाजियाबाद से कानून की पढ़ाई की है और बहादुरगढ में बतौर वकील काम कर चुका है।