झारखंड में 10 से ज्यादा लोगों की हत्या करने वाला डॉन छिपने के लिए दिल्ली आ गया। मगर उत्तरी जिले की कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने दिल्ली में घुसते ही उसे दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ झारखंड में हत्या के 10 और रंगदारी के 4 मामलों समेत कई मामले दर्ज हैं। आरोपी ने बम धमाका कर कई लोगों की जान ले ली थी। आरोपी बिना सिम के चार मोबाइल फोन चला रहा था। वह इन मोबाइल फोन को इंस्टाग्राम, व्हाटसएप और फेसबुक से चला रहा था।
पुलिस अधिकारी के अनुसार
उत्तरी जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रांची, झारखंड निवासी सन्नी उर्फ सन्नी सिंह उर्फ रिशभ बशीश उर्फ रिशभ सिंह और ऋषि झारखंड से भाग कर शिमला में छिप गया था। रांची, झारखंड पुलिस ने इसकी सूचना शिमला पुलिस को दी। शिमला पुलिस का दबाव बढ़ा तो आरोपी पंजाब नंबर की टैक्सी पकड़कर दिल्ली आ गया। कश्मीरी गेट थाने में तैनात इंस्पेक्टर(एटीओ)संतोष कुमार शुक्ला को सूचना मिली कि सन्नी दिल्ली में छिपने आ रहा है। उसे पकड़ने के लिए एसीपी कोतवाली विजय सिंह की देखरेख में कश्मीर गेट थानाध्यक्ष कुमार जिवेश्वर, इंस्पेक्टर संतोष कुमार गुप्ता, कश्मीरी गेट बस अड्डा चौकी प्रभारी रणविजय व एसआई टेक सिंह की विशेष टीम गठित की गई।
इसके बाद पुलिस टीम ने आईएसबीटी के पास बैरीकेड लगाकर चेकिंग शुरू और टैक्सी को रोककर आरोपी को सन्नी को पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस ने इसकी सूचना झारखंड पुलिस को दी। झारखंड पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड लेकर रवाना हो गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ सभी मामले में रांची, झारखंड में दर्ज है। ये झारखंड का सबसे बड़ा डॉन है और इसने अपना गिरोह बना रखा है।
कार सवार बदमाशों ने विदेशी से छीना पर्स
नई दिल्ली के मधु विहार के आईपी एक्सटेंशन इलाके में तजाकिस्तानी के एक नागरिक से झपटमारी का मामला सामने आया है। बदमाश पीड़ित से पर्स छीनकर कार में सवार होकर फरार हो गए। पर्स में 5700 डॉलर थे। पीड़ित की शिकायत पर मधु विहार थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल कर कार की पहचान कर रही है।
पीड़ित रुस्तमजोदा असदुल्लोई तजाकिस्तान में रहते हैं। वह छह फरवरी को अपनी बीमार बहन का इलाज करवाने के लिए भारत आए थे। आईपी एक्सटेंशन स्थित मैक्स हॉस्पिटल में उनकी बहन भर्ती है। बृहस्पतिवार शाम वह अस्पताल से कुछ सामान लेेने के लिए बाहर गए थे। सामान खरीदने के लिए उन्होंने पर्स निकाला।