मयूर विहार पुलिस ने दुष्कर्म के आरोप में एक शातिर आरोपी को दबोचा है, जो खुद को नार्कोटिक्स विभाग का एसीपी बताता था। आरोपी ने मेट्रिमोनियल वेबसाइट और फेसबुक पर अलग-अलग नामों से कई आईडी बना रखी है। शादी का झांसा देकर लड़कियों व महिलाओं का शारीरिक शोषण कर उनके साथ ठगी करता था। चार जून को मिली एक शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी पीयूष प्रिय (26) को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एसीपी का नकली आईकार्ड, कई नामों के आधार, वोटर आईकार्ड, स्टैंप पेपर व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
पुलिस के मुताबिक, चार जून को एक युवती ने मयूर विहार थाने पहुंचकर बताया कि नार्कोटिक्स विभाग में तैनात एक एसीपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस जांच में पता चला कि इस नाम का नार्कोटिक्स विभाग में कोई एसीपी नहीं है और वह बिहार जाकर शादी करने की फिराक में है। 21 जून को आरोपी की शादी है। पुलिस ने गत मंगलवार को आरोपी को निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के पास से दबोच लिया। वह बिहार जाने वाली ट्रेन में सवार होने वाला है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
आरोपी ने डीयू के कॉलेज से की ग्रेजुएशन
पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से भागलपुर निवासी पीयूष प्रिय का परिवार कटिहार में रहता है और वह शादीशुदा है। उसकी पत्नी दिल्ली में एक कॉल सेंटर में काम करती है। पिता रेलवे में टीसी हैं। वहीं, इसकी एक बहन बंगलूरू से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। 2011 में आरोपी दिल्ली आया था। यहां उसने डीयू के कॉलेज से ग्रेजुएशन करने के बाद गाजियाबाद के कॉलेज से एमबीए किया। इसके बाद दिल्ली के न्यू अशोक नगर में रहकर यूपीएससी की तैयारी करने लगा। चार साल तैयारी करने के बाद भी उसे सफलता नहीं मिली। फिलहाल आरोपी नोएडा के सेक्टर-39 में रह रहा था।