22 मई 1984 की रात विकासपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट पार्क से पुलिस को अशोक कुमार सीतापुर, यूपी का शव मिला था, उसकी हत्या चाकू से गोदकर की गई थी। जांच में पता चला कि अशोक ने भभूति प्रसाद की पत्नी पर गलत नजर डाली थी, जिसके बाद भभूति ने अपने साथी नत्थू के साथ मिलकर हत्या कर दी। भभूति को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन नत्थू फरार हो गया।
पुलिस डीसीपी आदित्य गौतम ने बताया कि आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया उसने पूरी जिंदगी शादी नहीं की, ताकि कोई पारिवारिक रिकॉर्ड सामने न आए। वह अकेला रहा और यूपी की थोक सब्जी मंडियों में मजदूरी करता रहा।
2005 में फर्रुखाबाद में अपहरण के एक मामले में भी वह शामिल था। 17 अगस्त को पुलिस टीम ने गांव में एक संदिग्ध बुजुर्ग देखा और 18 अगस्त को उसे दबोच लिया। पूछताछ में उसने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।