दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जासूसी मामले में स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा के साथ गिरफ्तार चीनी महिला को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि अपराध संगीन और अन्य आरोपियों की तरह ही इस मामले में जमानत नहीं दी जा सकती।
मुख्य महानगर दंडाधिकारी पवन सिंह राजावत ने चीनी महिला किंग शी की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि अगर जमानत दी गई तो महिला थल मार्ग के जरिए देश छोड़कर फरार हो सकती है। कोर्ट ने कहा कि उसपर और भी ऐसे मामले हो सकते हैं। इसलिए इस स्तर पर जमानत नहीं दी जा सकती।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने दलील दी कि इस मामले में गिरफ्तार स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा वर्तमान में न्यायिक हिरासत में बंद हैं और उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। पुलिस ने दावा किया कि शर्मा ने कथित तौर पर भारत की सीमा की रणनीति, सेना की तैनाती व खरीद, और विदेश नीति की जानकारी चीनी खुफिया एजेंसियों तक पहुंचाई।
पुलिस ने कहा कि महिला के पास से बरामद प्रारंभिक इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य इस ओर इशारा करते हैं कि महिला की इस मामले में संलिप्त है।
पुलिस ने इस मामले में राजीव शर्मा को 14 सितंबर को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कोर्ट बताया कि आरोपी महिला को उसके नेपाली साथियों के साथ गिरफ्तार किया गया था। चीनी महिला 2013 में नर्सिंग की पढ़ाई करने के लिए भारत आई थर और उसके बाद से वह दिल्ली में ही रह रही थी।