वेलकम स्थित कबीर नगर में बुधवार आधी रात को दो मंजिला मकान भरभराकर जमींदोज हो गया। मलबे में मकान के भूतल पर जींस की फैक्टरी में काम कर रहे दो कर्मचारी समेत तीन युवक दब गए। पड़ोसियों ने मामले की सूचना पुलिस व दमकल विभाग को दी। मकान गिरने की खबर मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग, कैट्स एंबुलेंस के अलावा आपदा प्रबंधन विभाग भी वहां पहुंच गया।
धड़ाम की तेज आवाज लगा जैसे भूकंप आ गया
कबीर नगर में रमजान के कारण सहरी की तैयारी चल रही थी। गली में भी चहल-पहल थी। अचानक धड़ाम की तेज आवाज आई और लोगों को लगा जैसे भूकंप आ गया है। इस बीच शाहिद के मकान की ओर धूल का बड़ा गुबार दिखा। कुछ देर बाद गुबार साफ हुआ तो दोमंजिला मकान जमींदोज हो चुका था।
आनन-फानन में लोग मदद के लिए भागे। इस दौरान अरशद, तौहीद और रेहान के परिजन भी पहुंच गए। मलबा अधिक होने से बचाव दल को काफी दिक्क्त हुई। काफी देर बाद तीनों को मलबे से निकाला गया। अरशद और तौहीद की मलबे में दबकर मौत हो गई थी। शरीर में कई जगह फ्रेक्चर आए थे। रेहान के सिर में भी गंभीर चोट थी। मोहम्मद आशु ने बताया कि दोस्त रेहान पांच मिनट पहले ही अरशद और तौहीद से मिलने की बात कहकर फैक्टरी गया था, लेकिन हादसे का शिकार हो गया।
अरशद के ताऊ के बेटे नवाजिश ने बताया कि रमजान के कारण दिन की जगह रात में अरशद और तौहीद फैक्टरी आकर काम निपटा रहे थे। फैक्टरी मालिक ने बुधवार को फैक्टरी का सामान समेटकर जल्द ही खाली करने के लिए कहा था। शाहिद फैक्टरी वाले मकान को भी नए सिरे से बनाने वाला था।
अकेला कमाने वाला था अरशद : कई सालों से अरशद कटिंग मास्टर का काम कर परिवार का खर्चा उठा रहा था। पिता शरीफ अहमद उर्फ बॉबी पेशे से ऑटो चालक हैं, लेकिन तबीयत खराब रहने से वे ज्यादा ऑटो नहीं चला पाते हैं। परिवार में पिता के अलावा मां शाहीन बेगम, दो बहनें अलीना और इल्मा के अलावा छोटा भाई समीर है। पूरे घर की जिम्मेदारी अरशद के कंधों पर ही थी। दो माह पूर्व परिवार ने बड़ी बेटी अलीना का रिश्ता किया था। घर में शादी की तैयारी चल रही थी। अचानक अरशद की मौत ने पूरे परिवार को बुरी तरह तोड़ दिया है।
खाना खाकर एक बजे फैक्टरी आया था तौहीद
तौहीद ने ईशा की नमाज पढ़कर खाना खाया था। इसके बाद दोस्तों के साथ घूमता रहा। रात करीब एक बजे वह फैक्टरी पहुंचा। अरशद और तौहीद मिलकर फैक्टरी में काम कर रहे थे। इस दौरान रेहान भी आ गया। तौहीद के परिवार में पिता अब्दुल गफ्फूर, मां समीना रानी, पांच बहनों के अलावा बड़ा भाई अब्दुल रउफ है। बड़े भाई ने बताया कि डेढ़ साल से तौहीद कटिंंग मास्टर का काम सीख रहा था। अब काफी हद तक वह काम करने भी लगा था। अचानक उसकी मौत से सब बिखर गया। वहीं, रेहान के परिवार में पिता फरीद अहमद के अलावा मां, दो भाई व दो बहनें हैं। पिता फरीद का जैकेट बनाने काम है। -- शुजात आलम