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Delhi : अब आसानी से आधार कार्ड हासिल नहीं कर पाएंगे अवैध प्रवासी, एलजी ने नियम सख्त करने के दिए आदेश

Sat, 12 Jul 2025 07:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त नियम लागू करने का आदेश दिया है। उपराज्यपाल के आदेश पर एलजी के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।
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Demo - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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अवैध प्रवासी अब आसानी से आधार कार्ड की सुविधा हासिल नहीं कर पाएंगे। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त नियम लागू करने का आदेश दिया है। उपराज्यपाल के आदेश पर एलजी के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखा।

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इसमें नियमों को सख्त बनाने का आदेश दिया गया है। इसमें कहा गया कि आसानी से आधार कार्ड हासिल करना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होने के अलावा स्थानीय रोजगार पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। आधार कार्ड अवैध प्रवासियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने में भी सक्षम बनाते हैं।

एलजी सचिवालय ने रजिस्ट्रारों से आधार कार्ड जारी करने के लिए सख्त नियम लागू करने को कहा। साथ ही उन्हें 2 महीने के भीतर आधार नामांकन के आंतरिक मॉडल को अपनाने का निर्देश दिया है। इसके अलावा मुख्य सचिव को 15 जुलाई तक दिल्ली के सभी आधार नामांकन केंद्रों की एक विस्तृत सूची उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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अधिकारी ने बताया, एलजी के ध्यान में लाया गया है कि अवैध अप्रवासी झूठे दस्तावेजों की मदद से आधार कार्ड हासिल करने में कामयाब रहे हैं। इसे रोकने के लिए दिल्ली सरकार में आधार (नामांकन और अद्यतन) विनियम, 2016 के तहत रजिस्ट्रारों को सौंपी गई जिम्मेदारियों पर विशेष रूप से क्षेत्र-स्तरीय कार्यान्वयन, निगरानी और सत्यापन प्रक्रियाओं के संबंध में नए सिरे से विचार करने की मांग करता है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 14 अक्टूबर 2022 को जारी कार्यालय ज्ञापन (प्रति संलग्न) की ओर ध्यान आकर्षित किया जाता है, जिसमें राज्य सरकार को आउटसोर्स के तहत काम कर रहे रजिस्ट्रार-नामांकन एजेंसियों को 31 मार्च, 2023 तक इन-हाउस मॉडल में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए थे।

एलजी ने चिंता व्यक्त की है कि यह प्रणाली आज तक लागू नहीं की गई है। इसके अलावा विभिन्न रजिस्ट्रारों के तहत परिचालन तंत्र पर्याप्त रूप से मानकीकृत नहीं हैं। कुछ रजिस्ट्रार नामांकन एजेंसियों को नियुक्त कर रहे हैं और कुछ ने मशीनें खरीदने के लिए निविदाएं जारी की हैं, जिसके कारण विभिन्न विभागों के दृष्टिकोण में अंतर आ रहा है।

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