पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा
- फोटो : अमर उजाला
दक्षिणी दिल्ली के सैनिक फार्म में नजर आए तेंदुए का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिला है। रविवार को विभाग के अधिकारियों ने ड्रोन कैमरे की मदद ली। उन्होंने ड्रोन से जंगल और आस-पास के इलाकों का खंगाला, लेकिन तेंदुए की किसी तरह की मूवमेंट नजर नहीं आई। ऐसे में लोगों के अंदर दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों की सुरक्षा को देखते हुए वन्य विभाग ने कर्मियों की तैनाती को बढ़ा दिया गया है। यही नहीं जंगल के अंदर व बाहर तेंदुए को पकड़ने के लिए 10 पिंजरे लगाए गए हैं।
पहले केवल दो जगह पिजड़े तेंदुए को पकड़ने के लिए लगाए गए थे, पर सफलता नहीं मिली। इसके बाद से पिंजरों की संख्या बढ़ाई गई है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उसकी लोकेशन पता नहीं चल पा रही है। ड्रोन में भी अन्य वन्य जीव देखने को मिल रहे हैं। वन्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जंगल में नील गाय, कुत्तों व बिल्लियों की मूवमेंट नजर आई है। लेकिन, तेंदुए ने किसी पर भी हमला नहीं किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तेंदुए के असोला भाटी वन्य अभयारण्य में जाने की संभावना है। वह कहते हैं कि बिग कैट प्रजाति का यह जानवर बहुत शर्मिला होता है। जिससे यह बहुत देर तक रिहायशी इलाके में नहीं रुक सकता है।
कर्मी कर रहे हैं गश्त
तेंदुए के खौफ को देखते हुए नेब सराय के पुलिस स्टेशन रोड, बांध रोड, सैनिक फार्म की मुख्य सड़क के रास्ते को सुरक्षा की दृष्टि से बंद कर दिया है। कोई आम नागरिक अंदर न आ पाए, इसके लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग लगाई गई है। वहीं, सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। वन्य विभाग की टीम देर रात तक इलाके में पेट्रोलिंग करती रही। वहीं, सुबह से वन्य अधिकारी व कर्मचारी तेंदुए के रेस्क्यू कार्य में जुटे नजर आए। ऐसे 36 घंटे से अधिक बीत जाने के बाद भी वन्य विभाग के हाथ खाली हैं। रविवार को तेंदुए का कोई मूवमेंट नजर नहीं आया है।
घरों में रहने की कर रहे हैं अपील
वन्य विभाग व पुलिसकर्मी लोगों जरूरी न होने पर घरों से नहीं निकलने की सलाह दे रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि वह रात के समय जंगल में वापस लौट सकता है। लोगों के शोर के डर से वह घबरा गया है, जिससे उसे निकलने का रास्ता नहीं मिलने की वजह से यहां घुस गया।