किसानों से जाने के लिए रास्ता देने का आग्रह करती महिलाएं...
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केएमपी पर जाम के दौरान उस वक्त किसानों का दिल पसीज गया, जब कई महिलाओं ने किसानों को यहीं पर भात की भेली और पोटली देने की बात कही। गुरुग्राम में अपने भाई के पास लड़की की शादी का भात न्योतने के लिए जाने वाली महिलाओं ने किसानों से कहा कि या तो हमें अपने भाइयों के पास भात न्योतने के लिए जाने दो, नहीं तो वह केएमपी पर ही भात भेली देकर उन्हें ही न्योत देंगी।
किसानों को ही शादी में भात देने के लिए आना होगा...महिलाएं यहीं पर नहीं रुकीं, बल्कि यह भी कहा कि वह किसानों के नाम शादी का कार्ड भी देंगी। महिलाओं की बातें सुनकर किसानों ने जाम से उनकी गाड़ी को निकाल दिया।
दरहसल समालखा गांव से गाड़ी में 10-12 महिलाएं अपने भाइयों के पास गुरुग्राम में भात न्योतने जा रही थीं। रास्ते में वे बादली केएमपी पर जाम में फंस गईऱ्ं। महिलाओं ने किसानों से जाम खोलने की अपील की। लेकिन किसानों ने किसी भी गाड़ी को नहीं निकलने दिया। बाद में महिलाओं ने बताया कि वह लड़की की शादी के लिए जा रही हैं। बावजूद इसके किसानों और महिलाओं के बीच रास्ता खोलने पर सहमति नहीं बन सकी।
बाद में जब महिलाओं ने बताया कि वह भाइयों के पास भात की भेली लेकर जा रही हैं तो किसानों ने उनके लिए रास्ता खोल दिया। महिलाओं ने किसानों को शादी के कार्ड भी दिखाए और पीले चावलों से भात की भेली का प्रमाण भी दिया। इस दौरान कुछ महिलाओं की आंखें भी नम हो गईं। किसानों ने महिलाओं की परेशानी को देखते हुए उनकी गाड़ी को जाम से निकाल दिया।
महिलाओं की गाड़ी को जाम से निकालने में किसान नेता विनोद बादली, वीरेंद्र डागर, बेदन ठेकेदार और जयभगवान फौजी ने मदद की। महिलाओं ने जाते समय किसानों का आभार प्रकट किया और शादी का कार्ड भी किसानों के नाम पर देते हुए उन्हें निमंत्रण दिया। वहीं दोपहर के समय किसानों ने एंबुलेंस को निकालने में भी मदद की। जबकि कई युवाओं ने परीक्षा रोल नंबर दिखाकर आगे बढ़ने का काम किया। कुछ धार्मिक लोगों को रास्ता दिया गया।