योगेंद्र यादव
वहीं अगर योगेंद्र यादव की बात की जाए तो उनका कहना था कि आम आदमी पार्टी का जन्म भ्रष्टाचार के खिलाफ चले एक बड़े जनांदोलन के बाद हुआ। जनता ने अन्य राजनीतिक पार्टियों की तुलना में आप में एक विकल्प देखा। आप को जो भी सफलता मिली है, वह परंपरागत राजनीति के खिलाफ जनता के मन में बैठे असंतोष के कारण थी। लेकिन अब पार्टी की कार्य करने का तरीका अन्य पार्टियों की तरह ही हो गया है। इसके बाद योगेंद्र यादव ने अपनी एक अलग राजनीतिक पार्टी स्वराज अभियान बनाई।
कुमार विश्वास
2012 में अन्ना आंदोलन से जुड़ने और आम आदमी पार्टी के साथ सक्रिय राजनीतिक की शुरुआत करने से पहले कुमार विश्वास की राजनीति में एंट्री की बात करें तो वह किसी खास योजना के तहत राजनीति में नहीं आए थे। पहले वह लोकपाल को लेकर किए गए अन्ना आंदोलन में जुड़े। इसमें अरविंद केजरीवाल के साथ वह बड़े नामों में शामिल थे। अन्ना आंदोलन के कुछ समय बाद 2012 में जब अरविंद केजरीवाल ने पार्टी के गठन का फैसला किया तो वह उनके साथ नजर आए और आम आदमी पार्टी के जरिये राजनीति में आ गए। 2014 के लोकसभा चुनाव में अमेठी से राहुल गांधी के खिलाफ चुनाव भी लड़ा। कुमार विश्वास से जब यह पूछा गया कि क्या आपकी राजनीति पर विराम लग गया है, तो उन्होंने कहा कि नहीं... मैं झूठ नहीं कह सकता कि बच्चों की कसम खाऊं की फिर कभी नहीं जाऊंगा। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी में गलत कामों का विरोध करता था, इसलिए मुझे किनारे किया गया।
कपिल मिश्रा
इसी क्रम में अगर बात करें तो कपिल मिश्रा ने अरविंद केजरीवाल पर गंभीर आरोप लगाए थे। कपिल मिश्रा ने कहा था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के घर पर केजरीवाल को मंत्री सत्येंद्र जैन से दो करोड़ रुपए लेते देखा था। इसके साथ ही कपिल मिश्रा ने 400 रुपये के पानी टैंकर घोटाले में अरविंद केजरीवाल के शामिल होने का आरोप लगाया थे। इसके बाद आम आदमी पार्टी की सरकार में मंत्री रहे कपिल मिश्रा को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया गया था, इससे पहले उन्हें केजरीवाल की कैबिनेट से मंत्री पद से हटा दिया गया था।