जानकारी के अनुसार, शुक्रवार शाम को कॉल मिली थी। चूंकि कॉलर ने खुद ही सरेंडर करने की बात की थी, इसलिए पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लिया। कॉल आने के बाद तुरंत जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचना दे दी गई। उन्होंने भी मामले में सावधानी बरतने के लिए कहा। इसके बाद पुलिस की टीम ने कॉलर को कॉल करना शुरू किया, लेकिन वह लगातार पुलिस की कॉल को काटता रहा।
काफी देर बाद पुलिस की टीम ने उसकी सीडीआर और लोकेशन निकलवाई। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि सिमकार्ड किशनकुंज में एक महिला के नाम पर रजिस्टर्ड है। एक टीम महिला के घर पहुंची तो वहां कहानी दूसरी ही निकली।
परिजनों ने बताया कि कॉलर मानसिक रोगी है। उसका कई सालों से इलाज भी चल रहा है। पड़ताल करने के बाद देर रात करीब दो बजे वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को इस संबंध में खबर दी गई। छानबीन के बाद कॉलर को छोड़ दिया गया।