हर सप्ताह 150 से 200 मोबाइल भेजे जा रहे थे नेपाल
नेपाल में आईफोन की बड़ी डिमांड है। इसलिए मोबाइल रिसीवर आईफोन के अच्छे पैसे भी देते थे। आईफोन के आईएमईआई नंबर को क्रेक नहीं किया जा सकता है। चोरी के आईफोन भारत में चलाने पर पकड़े जाने का खतरा होता है, लेकिन नेपाल समेत आसपास के पड़ोसी देशों में आरोपी जल्दी पकड़ में नहीं आते हैं। करीब दो साल से नरेश हर सप्ताह 150 से 200 मोबाइल नेपाल भेज रहा था।
20 हजार रुपये थी राम सिंह की सैलरी
राम सिंह को तीन रिसीवरों ने नरेश से मोबाइल लेकर नेपाल भेजने के लिए ही दिल्ली में रखा हुआ था। वह राम सिंह को प्रतिमाह 20 हजार रुपये सैलरी देते थे। प्रतिदिन दिल्ली से नेपाल बस जाती हैं। इसलिए राम सिंह इन बसों में अलग-अलग नामों से पैकेट बनाकर भेजता था। पैकेट मिलते ही रिसीवर नरेश को पेमेंट भेज देते थे।
बरामद फोन के आईएमईआई नंबर जल्द दिल्ली पुलिस की वेबसाइट पर
आरोपियों के पास से बरामद मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर के आधार पर पुलिस उनके मालिकों तक पहुंचने का प्रयास करेगी। जो मोबाइल उनके मालिक से लिंक नहीं हो पाएंगे उनके आईएमईआई नंबर दिल्ली पुलिस अपनी वेबसाइट पर डालेगी, जिन लोगों के मोबाइल चोरी, लूट या झपटे गए हैं वह वेबसाइट पर देख सकते हैं। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके मोबाइल लौटा दिए जाएंगे।