हवा की चाल धीमी होने और मौसमी परिस्थितियों की वजह से रविवार को दिल्ली की हवा ने एक बार फिर बहुत खराब श्रेणी का दामन थाम लिया। वहीं, एनसीआर में शामिल नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद की हवा भी बहुत खराब श्रेणी के मध्यम स्तर में दर्ज की गई है। आगामी दो दिनों में भी दिल्ली-एनसीआर की हवा बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर पर पहुंचने की संभावना है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, रविवार को राजधानी का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 31 अंकों की वृद्धि के साथ 321 दर्ज किया गया है। इससे एक दिन पहले यह 290, शुक्रवार को यह आंकड़ा 281, बृहस्पतिवार को 256 व बुधवार को 262 दर्ज किया गया था।
दूसरी ओर दिल्ली-एनसीआर में शामिल गाजियाबाद, ग्रेटर नोएडा व नोएडा की हवा भी बहुत खराब श्रेणी के मध्यम स्तर में दर्ज की गई है। इसके अलावा गुरुग्राम और फरीदाबाद के हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई है। इससे एक दिन पहले केवल नोएडा की हवा बहुत खराब श्रेणी में दर्ज की गई थी। वहीं, शुक्रवार को एनसीआर के सभी शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही थी।
सफर के अनुसार, पिछले 24 घंटे में प्रदूषित तत्वों में शामिल पीएम 10 और पीएम 2.5 के स्तर में भी इजाफा हुआ है। पीएम 10 का स्तर 255 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर और पीएम 2.5 का स्तर 146 माइक्रोमीटर प्रति घन मीटर रहा है। शनिवार को पीएम 10 का स्तर 204 और पीएम 2.5 का स्तर 122 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा था।
सफर के अनुसार, रविवार को पिछले दिनों के मुकाबले दिन में भी हवा की स्थिति धीमी रही है। साथ ही वेंटिलेशन इंडेक्स ने भी साथ नहीं दिया है। इस वजह से दिल्ली- एनसीआर की हवा में प्रदूषण बढ़ा है। आगामी 2 दिनों के में भी वेंटीलेशन इंडेक्स और हवा की चाल कम होने की वजह से प्रदूषण को बढ़ने में मदद मिलेगी। इस वजह से प्रदूषण का स्तर बहुत खराब श्रेणी के उच्चतम स्तर में भी पहुंचने की संभावना है।
गौरतलब है कि गत सप्ताह दिल्ली की हवा ने खराब श्रेणी का ही दामन थामे रखा था। इस सप्ताह की शुरुआत से पहले ही हवा ने बहुत खराब श्रेणी का आंचल छुआ है।
दिल्ली-एनसीआर के आंकड़े
फरीदाबाद 294
गाजियाबाद 346
गुरुग्राम 262
नोएडा 333
ग्रेटर नोएडा 346