गुरुग्राम में एक घंटे की बारिश में चली नाव
मंगलवार को दोपहर में एक घंटे की बरिश हुई। इसके बाद जलभराव हुआ। जिसमें कुछ लोगों ने नाव भी चलाई। जलभराव समाप्त भी हुआ। लेकिन देर शाम तक शहर बिजली आपूर्ति का इंतजार करता रहा। शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई। बिजली ठप होने के चलते बहुमंजिला इमारतों में लिफ्ट के संचालन में परेशानी हुई। अन्य उपकरण न चलने से उमस के चलते समस्या हुई। जिले के कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ डॉ. मंजीत ने पांच जुलाई से नौ जुलाई तक के मौसम का अनुमान व्यक्त करते हुए कहा है कि आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और अधिकतर स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
जलभराव के बीच नाव चलाना शहर में चर्चा का विषय रहा। लोगों ने ड्रेनेज व्यवस्था पर सवाल उठाए। प्रवीन यादव ने कहा कि नगर निगम और गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) ने यदि बरसाती नालों की समय से सफाई कराई होती तो यह स्थिति नहीं होती। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चौ. संतोख सिंह ने बताया कि अदालत परिसर में पानी भर गया। यहां पर पानी निकासी के इंतजाम संतोष जनक नहीं हैं।
दूसरी ओर बिजली निगम के हालात और भी खराब हैं। यहां बरसात आने के साथ ही शहर में विभिन्न स्थानों पर फाल्ट की समस्या शुरू हो जाती है। हर साल मरम्मत के नाम पर करोड़ों खर्च किए जाने के बावजूद न तो शहर के लोगों को जलभराव की समस्या से निजात मिल पा रही है और न ही बिजली सप्लाई ठप होने की समस्या खत्म होने का नाम ले रही है।
मंगलवार को मात्र 15 मिनट की ही बरसात ने बिजली निगम के अधिकारियों की पोल खोल दी। उमस भरी गर्मी से लोगों ने परेशान होकर अधिकारियों को फोन करना चाहा तो उन्होंने फोन तक उठाने बंद कर दिए। सिविल लाइंस की एसडीओ सुमन कश्यप को कई बार लोगों ने फोन मिलाया। मगर हर बार उन्होंने फोन काट दिया। इसके साथ ही एक्सईएन ने भी लोगों के फोन उठाने बंद कर दिए।