दिल्ली प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह खेदपूर्ण है कि दिल्ली सरकार ने यमुना खादर से बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों के रहने के लिए कहीं भी व्यवस्थित कैंपों की स्थापना नहीं की है। भाजपा मानवीयता में यकीन करती है और उसी भावना से बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए आठ स्थानों पर राहत व भोजन कैंप की व्यवस्था कर रही है। जब तक आवश्यक होगा तब तक इसतरह का कैंप भाजपा कार्यकर्ता चलाएंगे।
बाढ़ के कारण विस्थापित लोगों के लिए भाजपा ने यमुना बाजार, सभापुर, घोंडा तीसरा पुश्ता, गांधी नगर लोहा पुल, अक्षरधाम काॅमनवेल्थ विलेज के पास, मयूर विहार-1 मेट्रो के सामने, मयूर विहार एक्सटेंशन, यमुना खादर में बाढ़ राहत शिविर लगाया है।
दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने केजरीवाल सरकार पर जोरदार तंज कसा। उन्होंने कहा कि समय से पहले सफाई नहीं की गई। न तो सीवर की सफाई हुई न ही यमुना की सफाई की गई। मानसून से पहले सीवर की सफाई का काम होना चाहिए था।
दिल्ली कैबिनेट मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में यमुना का जल स्तर खतरे के निशान को पार कर चुका है। यमुना नदी के किनारे रह रहे लोगों को सुरक्षित निकाला गया है। दिल्ली सरकार की ओर से गद्दे और फ्री भोजन की व्यवस्था की गई है। दिल्ली सरकार की ओर से 2500 राहत बचाव कैंप लगाए गए हैं। सौरभ भारद्वाज ने पीड़ितों से मुलाकात की।
यमुना में बाढ़ के हालात के बाद यमुना खादर के इलाके को प्रशासन की ओर से खाली कराया गया। लोग विकास मार्ग के किनारे टेंट लगाकर सड़क किनारे रहने को मजबूर हैं।
यमुना नदी का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार दोपहर दो बजे नदी का जलस्तर 206.51 मीटर पर जा पहुंच गया।
भारी बारिश और हथिनी कुंड बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है। यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए लोहे का पुल बंद कर दिया गया है।
दिल्ली के इंडिया गेट क्षेत्र में बारिश के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया। वहीं, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने जानकारी देते हुए कहा कि शेरशाह रोड कट के पास सड़क धंसने से सी-हेक्सागोन इंडिया गेट पर यातायात प्रभावित है। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे इसके अनुसार अपनी यात्रा की योजना बनाएं।
दिल्ली में हुए जलभराव और जलजमाव के लिए लापरवाही जिम्मेदार है। बीते सालों में सीवरेज और नालों की सफाई पर ध्यान नहीं दिया। इनमें गाद भरी हुई है। यह कहना है दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना का। मंगलवार को पूर्वी दिल्ली के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र का दौरा करने पहुंचे उपराज्यपाल ने कहा कि यदि समय पर सीवरेज की सफाई हो जाती। नजफगढ़ नाला व अन्य वाटर बॉडीज से गाद को निकाल दिया जाता, तो यहां पर वर्षा जल संचयन की क्षमता बढ़ जाती और जलजमाव जैसी समस्याओं से दिल्ली को सामना नहीं करना पड़ता। मेरी कोशिश है कि आने वाले दिनों में इन समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया। कोशिश कर रहा हूं कि प्रशासन के साथ मिलकर नजफगढ़ नाले व वाटर बॉडीज सहित अन्य जगहों की सफाई हो जिससे फिर से कोई संकट न आए। साथ ही वर्षा के जल का संचयन कर सकें।
उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
मंगलवार सुबह 10 बजे पुराने रेलवे पुल पर यमुना नदी का जल स्तर 206.34 मीटर तक पहुंच गया। वहीं, हथिनी कुंड बैराज से 3.44 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है।
14 ट्रेनों को एनडीएलएस के रास्ते डायवर्ट किया गया। लोहा पुल बंद होने के कारण कोई रद्दीकरण नहीं हुआ है। ट्रेनों की आवाजाही नई दिल्ली-तिलक ब्रिज-आनंद विहार-साहिबाबाद के रास्ते संचालित की जाएगी।
दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना यमुना बाजार के पास यमुना नदी का दौरा कर रहे हैं। इसके बाद प्रगति मैदान सुरंग, मिंटो ब्रिज और जखीरा अंडरपास का दौरा करेंगे। बताया जा रहा है कि यमुना बाजार में पानी भर गया है।
मंगलवार सुबह आठ बजे पुराने रेलवे ब्रिज पर यमुना नदी का जल स्तर 206.32 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर से ऊपर है। दिल्ली में नदी का उच्चतम बाढ़ स्तर 207.49 मीटर है। एहतियात के तौर पर पुराने रेलवे ब्रिज पर रेलवे और यातायात की आवाजाही रोक दी गई है।
बारिश की वजह से रेलवे के अधिकारी अलर्ट मोड में हैं। रेलवे स्टेशन, वाशिंग यार्ड और यमुना पुल पर नजर बनाए हुए हैं। ब्रिज के नीचे जलस्तर पर नजर रखे हुए हैं।
सोमवार शाम से यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। जल स्तर नीचे आने की उम्मीद नहीं है। अगले 24 घंटे में यमुना के तटीय इलाके जलमग्न होंगे। इसका असर यमुना खादर में रहने वाले करीब 40,000 लोगों पर पड़ेगा।
यमुना नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुराना यमुना पुल आज सुबह छह बजे से रेल यातायात के लिए बंद कर दिया गया।
हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से सोमवार दिनभर दो लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी छोड़े जाने से दिल्ली में पुराना लोहे के पुल पर नदी का जलस्तर खतरे के निशान 205.30 को पार पहुंच गया। मंगलवार सुबह छह बजे यमुना का जलस्तर 206.28 तक पहुंच गया।