सम- विषम फार्मूले पर चल रही दिल्ली में प्रदूषण खिली धूप और तेज हवाओं के कारण 72 घंटे में तकरीबन छंट गया है। दो दिन पहले खतरनाक स्तर पर जा चुकी हवा की गुणवत्ता बुधवार को औसत से खराब स्तर पर पहुंच गई।
इस बीच प्रदूषण मीटर में तकरीबन 200 अंक का सुधार आया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अगले दो दिन में 30-35 किमी प्रति घंटे की चाल से हवाएं चलेंगी। साथ ही बारिश होने की भी संभावना है। इससे वायु प्रदूषण औसत से संतोषजनक स्तर के बीच आ सकता है।
उधर, सफर का कहना है कि पंजाब व हरियाणा में इस सीजन की सबसे ज्यादा पराली जलने के बाद भी दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता में तेजी से सुधार आया है। बीते 24 घंटों में पराली जलाने के लिए 5300 मामले दर्ज किए गए हैं।
बृहस्पतिवार को हवा की दिशा भी बदल जाएगी। वहीं, बारिश का भी पूर्वानुमान है। इससे दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा 2-3 फीसदी के बीच रहा जाएगा। हालांकि, शुक्रवार देर रात एक बार फिर हवा हरियाणा की तरफ से चलने का अनुमान है। लेकिन इसकी तेज चाल से वायु प्रदूषण के स्तर में बहुत फेरबदल नहीं होगा।
सीपीसीबी की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, बुधवार को एनसीआर के शहरों में सबसे बेहतर हवा गुरुग्राम की रही। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 168 रिकार्ड किया गया। दूसरी ओर दिल्ली का सूचकांक 214, फरीदाबाद का 205, गाजियाबाद का 294, ग्रेटर नोएडा का 247 व नोएडा का 237 पर आ गया है। जबकि रविवार को सभी शहरों की हवा 400 के प्रदूषण मीटर का पार करती हुए खतरनाक स्तर पर पहुंच गई थी।