कोरोना हमारे देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है। इसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को लोगों से रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ लगाने की अपील की थी। शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान मस्जिदों के इमामों ने लोगों से प्रधानमंत्री की अपील को कामयाब बनाने के लिए कहा।
उनका कहना था कि वजीरे-आजम (प्रधानमंत्री) हमारी और मुल्क की खैर के लिए ऐसा कर रहे हैं। ऐसे में हम सबका फर्ज बनता है कि उनका साथ दें। नमाज के दौरान मस्जिदों से अपने देश ही नहीं, पूरी दुनिया की हिफाजत करने की दुआ मांगी गई।
ज्यादातर मस्जिदों से जुमे की नमाज से पहले होने वाले खुत्बे के दौरान इमामों ने नमाजियों से कहा कि वे बिना वजह फिलहाल घर से न निकलें। मस्जिदों में भी बस फर्ज नमाज अदा करने के लिए आएं। बाकी नमाज अपने घर पर ही रहकर पढ़ी जाएं। सीलमपुर की एक मस्जिद से इमाम ने कहा कि फिलहाल कोरोना वायरस का कोई तोड़ नहीं मिला है। जागरूकता ही इस वायरस से बचने का एक तरीका है। हमारे मुल्क ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के वैज्ञानिक इस वायरस से बचने का रास्ता ढूंढ रहे हैं।
हम सब बस अपनी सरकार और प्रशासन की बात पर अमल करें। इसके अलावा, सब लोग मिल-जुलकर इस मुश्किल घड़ी से निपटने कोशिश करें। दूसरी ओर, रमेश पार्क स्थित मस्जिद और उत्तर-पूर्वी दिल्ली की कुछ मस्जिदों में कोरोना से बचाव के लिए मास्क बांटे गए। लक्ष्मी नगर में रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान कुछ लोग कोरोना से बचाव में लगे लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए अपने-अपने घरों की छतों पर संदेश लिखी पतंगें उड़ाएंगे।