15 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज
एनसीआर में दिल्ली के बाद सबसे अधिक हवा ग्रेटर नोएडा खराब रही। यहां एक्यूआई 358 दर्ज किया गया। जबकि, गाजियाबाद में 324, नोएडा में 323, गुरुग्राम में 291 व फरीदाबाद में 194 एक्यूआई रहा। सोमवार को हवा विभिन्न दिशा से छह किलोमीटर प्रतिघंटे की गति से चलीं। शाम को हवा की गति चार किलोमीटर प्रति घंटे हो गई। ऐसे में प्रदूषक संघन हो गए। सीपीसीबी के आंकड़ों के अनुसार आनंद विहार, अशोक विहार व वजीरपुर सहित 15 इलाकों में हवा बेहद खराब श्रेणी में दर्ज की गई। जबकि आया नगर, डीटीयू समेत 14 इलाकों में खराब श्रेणी में हवा रही। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक वेंटिलेशन इंडेक्स 200 वर्ग मीटर रही। यह औसत से कम है। वहीं, अगले 24 घंटे में यह 500 वर्ग मीटर दर्ज की जा सकती है। इसके अलावा मिक्सिंग डेप्थ 600 मीटर रही।
दिल्ली में ग्रेप 4 लागू के बाद लगी ये पाबंदियां
कारखानों, निर्माण कार्यों यातायात पर कड़ी पाबंदियां रहेगी। दिल्ली में ट्रक लोडर समेत अन्य भारी वाहनों को प्रवेश नही मिलेगा। सभी तरह के निर्माण और तोड़फोड़ कामों पर प्रतिबंध रहेगा। 10 वी 12 वी के स्कूलों को छोड़कर सभी स्कूलों को बंद कर दिया गया। सरकारी और निजी कार्यालयों में वर्क फ्रॉम होम का निर्देश दिया जाता है। कच्ची सड़कों पर वहां आवागमन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों पर रोक रहेगी। खुले में कचरा जलाने पर रोक रहेगी, पॉलीथिन और प्रदूषणकारी पदार्थों का उपयोग भी प्रतिबंधित रहेगा।
पूरे एनसीआर में एक्यूआई 400 के पार
एनसीआर में भी एक्यूआई गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। रात 10 बजे गाजियाबाद में एक्यूआई 409, नोएडा में 403, ग्रेटर नोएडा में 410, मेरठ में 361, बहादुरगढ़ में 380, गुरुग्राम में 338 और फरीदाबाद में 318 रहा।
धुंध की वजह से दृश्यता भी घट गई
पालम में दृश्यता 1,100 और सफदरजंग में 700 मीटर रही। डिसिजन सपोर्ट सिस्टम के मुताबिक, वाहनों से होने वाले प्रदूषण की हवा में 18 फीसदी रही।
राजधानी में ट्रकों के प्रवेश पर पूर्ण रोक
दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक रहेगी। केवल जरूरी सामान लेकर आने वाले ट्रकों व एलएनजी, सीएनजी व इलेक्ट्रिक ट्रकों को आने की अनुमति रहेगी।
प्रदूषण फैलाने वाले ट्रक, वाणिज्यिक चार पहिया वाहनों पर भी प्रतिबंध।
दिल्ली में पंजीकृत मध्यम व भारी डीजल मालवाहनों पर भी प्रतिबंध।
सरकारी और निजी ऑफिस में 50% कर्मचारियों के लिए घर से काम करने के निर्देश।