दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) यानी ग्रैप लागू हो रहा है। इससे डीजल से चलने वाले जनरेटर व पारंपरिक ईंट भट्ठों पर प्रतिबंध रहेगा। बीते दो वर्षों से यह नियम दिल्ली में लागू हो रहा था, लेकिन एनसीआर के अन्य शहरों पर यह लागू नहीं हो रहा था। हालांकि 'आवश्यक सेवाओं' में छूट जारी रहेगी।
सरकारी एजेंसियां हाई अलर्ट पर
दिल्ली की लगातार खराब होती आबोहवा में सोमवार को थोड़ा सुधार आया है। मौसमी दशाओं में बदलाव होने से वायु गुणवत्ता सूचकांक 270 से घटकर 252 दर्ज किया गया। अगले दो दिनों तक स्थिति कमोबेश ऐसी ही रहेगी। इसके बावजूद पूरी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता खराब स्तर पर रही। वहीं, द्वारका सेक्टर-8 में सूचकांक 300 पार पहुंच गया।
वहीं, सरकारी एजेसियों के हाई अलर्ट पर रहने से निगरानी प्रणाली भी सख्त रहेगी। ऐसे में हवा और बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, महीने के आखिरी सप्ताह में दिल्ली के हालात बिगड़ने का अंदेशा है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड सिचर्स (सफर) का कहना है कि सोमवार को हवा की दिशा व तरीके में आए बदलाव से दिल्ली में पराली के धुएं का असर तकरीबन नहीं रहा। अगले दो दिनों में इसकी मात्रा करीब एक फीसदी रहेगी।
फिलहाल दक्षिण पूर्वी हवाएं चल रही हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश के उत्तर पश्चिम इलाके में चक्रवाती दशाएं बन रही हैं। दोनों के मिले-जुले असर से अगले दो दिनों तक वायु प्रदूषण पिछले दिनों की तुलना में कम रहने की उम्मीद है।
सोमवार को भी इसमें गिरावट देखी गई। वायु गुणवत्ता सूचकांक रविवार के 270 की तुलना में सोमवार को 252 रहा। हालांकि, अभी भी यह खराब स्तर पर रहा। जबकि पंजाब व हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में पराली जलाने के मामले देखे जा रहे हैं।
सफर का पूर्वानुमान है कि मौसमी बदलावों का असर दिवाली से पहले तक रहेगा। महीने के चौथे सप्ताह में एक बार फिर से इसमें गिरावट दर्ज की जाएगी। इस दौरान तापमान में भी कमी आएगी।
दूसरी मौसमी दशाएं भी खराब रहेंगी। उस वक्त अगर ज्यादा पटाखेबाजी हुई या पराली जलाने के मामले में तेजी से बढ़ोत्तरी दर्ज की गई तो हालात बदतर हो सकते हैं। इससे हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर से भी पार जा सकती है। हालांकि, सफर का मानना है कि अगर दिल्ली अपने प्रदूषण को सीमित रख सकी तो हवा दमघोंटू नहीं होगी।
आज से लागू होंगी यह पाबंदियां
दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार से ग्रैप लागू हो रहा है। इसके चलते डीजल के जनरेटर बंद रहेंगे। वहीं, खरपतवार जलाने पर भी सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही पारंपरिक तरीके से चलने वाले ईंट के भट्टे भी बंदे होंगे। निर्माण स्थलों पर इस तरह के इंतजाम करने होंगे, जिससे धूल के कण उड़ने न पाएं। निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव करने के साथ उसे ढंककर रखना होगा।
ईपीसीए का कहना है कि दिल्ली व एनसीआर के सभी एजेंसियों को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। इस दौरान इलाके के हॉट स्पॉट पर औचक निरीक्षण करके प्रदूषण फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करनी है। इस दौरान ज्यादा ध्यान औद्योगिक क्षेत्रों, सार्वजनिक परिवहन के बड़े स्थलों पर रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।
लगातार खराब हो रही हवा, पहली बार सुधरी
सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि लगातार खराब होती आबोहवा बृहस्पतिवार को खराब स्तर पर पहुंच गई थी। 10 अक्तूबर को एक्यूआई 211 था। अगले दिन 216 पर पहुंच गया। 12 अक्तूबर को सूचकांक 222 व 13 को 270 दर्ज किया गया। सोमवार इसमें एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि, द्वारका सेक्टर आठ का सूचकांक 300 से पार था।