दिल्ली समेत पूरा एनसीआर गैस चैंबर की तरह बन गया है। पूरे एनसीआर पर बुधवार स्मॉग की घनी चादर छाई रही। उत्तर प्रदेश के मेरठ से लेकर हरियाणा के भिवाड़ी तक हवा की गुणवत्ता ‘गंभीर’ स्तर पर बनी हुई हैं।
स्मॉग से बृहस्पतिवार को भी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। गाजियाबाद देश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने लोगों को सुबह की वॉक बंद करने के साथ ही खुले में कोई भी गतिविधि नहीं करने की सलाह दी है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकॉस्टिंग एंड रिसर्च (सफर) के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर पश्चिम से दिल्ली पहुंच रही हवाओं से इस सीजन में पहली बार दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा सबसे ज्यादा करीब 35 फीसदी पहुंच गया।
वहीं, पिछली रात सतह पर चलने वाली हवा की चाल तकरीबन शून्य थी। दोनों के मिले-जुले असर से दिल्ली समेत तकरीबन 55,083 वर्ग किमी में फैले पूरे एनसीआर में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। जिन शहरों की हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर तक नहीं पहुंची थी, वहां का प्रदूषण भी 400 के करीबरहा।
सबसे प्रदूषित शहर गाजियाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 478 दर्ज किया गया, जबकि पानीपत का सूचकांक 475 रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को सबसे प्रदूषित शीर्ष पांच शहर एनसीआर क्षेत्र के ही रहे। सीपीसीबी विशेषज्ञों का कहना है कि हालात आपात स्थिति की तरफ जा रहे हैं। अगर मौसमी दशाओं में बदलाव नहीं हुआ तो प्रदूषण स्तर 500 के पार भी जा सकता है।
पराली जलाने के मामले घटे, शुक्रवार को सुधर सकती है हवा
सफर का कहना है कि पिछले 24 घंटों में पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में कमी आई है। मंगलवार को 2577 की तुलना में बुधवार को 1057 मामले पराली जलाने के दर्ज किए गए। इससे बृहस्पतिवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं के हिस्से में आठ फीसदी की गिरावट आएगी। वहीं, दोपहर बाद से सतह पर हवा की चाल में भी थोड़ा इजाफा होगा। इससे हवा की गुणवत्ता में थोड़ा सुधार होगा, जिसका असर शुक्रवार को दिख सकता है।