बीते 24 घंटों में पराली जलाने के सिर्फ 740 मामले रिकार्ड किए गए, पर हरियाणा की तरफ से दिल्ली पहुंचने वाली हवाओं की चाल तेज होने से पराली के धुएं का दिल्ली के प्रदूषण में हिस्सा बढ़ गया।
सोमवार के 18 फीसदी की तुलना में मंगलवार को आंकड़ा 25 फीसदी तक पहुंच गया। जबकि सोमवार को पराली जलाने के मामले 1,800 से ज्यादा रिकार्ड किए गए थे। सफर का पूर्वानुमान है कि अगर पराली जलाने के मामले नहीं बढ़े तो दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा करीब 22 फीसदी रहने का अंदाजा है।
बुधवार को भी हालात रहेंगे बदतर
सफर का अनुमान है कि बुधवार को मौसमी दशाओं में बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है। इससे हवा की गुणवत्ता 500 के आंकड़े को पार करती हुई खतरनाक स्तर तक पहुंच सकती है। पूर्वानुमान है कि बृहस्पतिवार से हवा की गुणवत्ता में सुधार आ सकता है। शुक्रवार को यह दुबारा बेहद खराब से खराब स्तर में दाखिल हो सकती है।
दिल्ली का प्रदूषण मीटर 24 घंटे में 74 अंक बढ़ा
दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बीते 24 घंटे में 74 अंक बढ़ गया है। सोमवार के गुणवत्ता सूचकांक 360 की जगह मंगलवार को यह 425 रिकार्ड किया गया। गंभीर स्तर पर हवा एनसीआर के दूसरे शहरों की भी रही। इसमें सबसे खराब हवा गाजियाबाद की रिकार्ड की गई। दूसरे नंबर पर नोएडा रहा।
गाजियाबाद: 453
नोएडा: 440
ग्रेटर नोएडा: 436
दिल्ली: 425
फरीदाबाद: 406
गुरुग्राम: 402
हवा को संकट में डालने वाले मौसमी कारक:
. सतह की हवाओं की चाल 6-8 किमी प्रति घंटे के बीच बनी रहना।
. हवा की दिशा का उत्तर पश्चिमी होना।
. मिक्सिंग हाइट का नीचे पहुंचना।
. बारिश का अभाव।
. हवा में मौजूद नमी।
. पराली के धुएं का दिल्ली पहुंचना।