नवंबर का महीना शुरू हो गया है और हवा की गति भी बढ़ी है लेकिन दिल्ली और आसपास की हवा की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है। दिल्ली की वायु अब भी बेहद खराब श्रेणी में बनी हुई है। सोमवार सुबह कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार दर्ज किया गया है।
दिल्ली में सर्दी बढ़ी
वहीं दिल्ली की सर्दी की बात करें तो बीते कुछ दिनों में सर्दी भी बढ़ी है। नवंबर महीने के पहले दिन दिल्लीवासियों ने अच्छी-खासी ठंड का एहसास किया। रविवार सुबह तापमान गिरकर 11.7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जो सामान्य से चार डिग्री कम है। हालांकि वायु गुणवत्ता सूचकांक 366 दर्ज किया गया जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। विशेषज्ञों की मानें तो आज दिनभर इसमें किसी तरह के सुधार की भी संभावना नहीं है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के तहत वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली के अनुसार एक और दो नवंबर को हवा की गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में ही रहेगी। बताया गया कि 31 अक्तूबर को पंजाब में पराली जलाने के 4266 मामले सामने आए हैं, जो इस बार के सबसे अधिक आंकड़े हैं। दिल्ली एनसीआर की वायु गुणवत्ता में इसका बड़ा असर पड़ता है। हवा की तेज गति और बेहतर वेंटिलेशन से हवा की गुणवत्ता में सुधार की संभावना बढ़ सकती है।
दिल्ली के प्रदूषण में बढ़ा दिल्ली का हिस्सा
यूपी, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में पराली जलाने के चलते दिल्ली-एनसीआर की हवा और जहरीली हो गई है। पराली के धुएं के चलते हवा के प्रवाह में भी बाधा आ रही है। रविवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली जलाने की हिस्सेदारी 40 फीसदी रही। गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद और दिल्ली में हवा का स्तर बेहद खराब रहा।
दिल्ली में में रविवार को सीजन की सबसे अधिक पराली जलाने से उत्पन्न होने वाले धुएं की प्रदूषण में 40 फीसदी हिस्सेदारी रही। इससे पहले सीजन का सबसे अधिक रिकॉर्ड 36 फीसदी गुरुवार को रहा था जबकि शनिवार को यह 32 फीसदी दर्ज किया गया था। वहीं, राजधानी का औसतन वायु गुणवता सूचकांक 364 दर्ज किया गया। हालांकि, सोमवार से हवा की गति में सुधार होने के साथ वायु गुणवता में सुधार होने की संभावना बनी हुई है।