दिल्ली-एनसीआर में हवा की गति मंद पड़ने और नमी बढ़ते ही शुक्रवार को वातावरण में प्रदूषण के कण जम गए। इससे दिल्ली और एनसीआर के शहरों की वायु गुणवत्ता फिर से बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गई है।
सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (सफर) ने दोहराया कि अगले दो से तीन दिन वायु गुणवत्ता में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
सफर का कहना है कि शुक्रवार को सतह पर चलने वाली हवा की गति 2.62 किलोमीटर प्रतिघंटा रिकॉर्ड की गई। यह प्रदूषण तत्व को छांटने में मददगार नहीं है। वहीं, मिक्सिंग हाइट की ऊंचाई भी सतह के करीब आ गई है।
ऐसे में प्रदूषण तत्व को बिखरने का मौका नहीं मिल रहा है। वहीं, दिल्ली के पीएम कण 2.5 प्रदूषण में पराली का प्रभाव इस वक्त सिर्फ दो फीसदी है। इसके बावजूद दिल्ली-एनसीआर के प्रदूषण में पीएम कण में बढ़ोत्तरी हुई है।
दिल्ली में आनंद विहार, वजीरपुर, बवाना, जहांगीरपुरी और मुंडका की वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी में रिकॉर्ड की गई है। यह 23 स्थानों पर बहुत खराब और छह स्थानों पर खराब श्रेणी में रिकॉर्ड हुई है। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, 24 घंटे के आधार पर शाम 4 बजे तक दर्ज की गई
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का एक्यूआई 337 दर्ज हुआ। बृहस्पतिवार को यह 273 था। यूपी में नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, हरियाणा में फरीदाबाद और गुरुग्राम की हवा गुणवत्ता भी बहुत खराब श्रेणी में ही दर्ज की गई।
पीएम कणों में बढ़ोत्तरी
सीपीसीबी की ओर से पर्टिकुलेट मैटर पर निगरानी रखने वाले केंद्रीय नियंत्रण कक्ष के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की हवा में मौजूद पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 2.5 का स्तर सामान्य से तीन गुना 191 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया।
मंगलवार को पर्टिकुलेट मैटर 2.5 इमरजेंसी स्तर यानी 300 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर को पार कर गया था। पीएम 2.5 का सामान्य औसत मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। इसी तरह मोटे प्रदूषण कण पीएम 10 का स्तर करीब चार गुना ज्यादा 349 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड हुआ। इसका औसत सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर है।
पांच दिन में वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई स्थिति
23 नवंबर 22 नवंबर 21 नवंबर 20 नवंबर 19 नवंबर
दिल्ली 337 273 373 373 330
गुरुग्राम 296 236 345 302 280
गाजियाबाद 367 286 383 396 364
नोएडा 362 272 377 386 348
ग्रेटर नोएडा 367 296 392 377 346
नोट : सीपीसीबी के मुताबिक, 201 से 300 का एक्यूआई खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से अधिक एक्यूआई गंभीर श्रेणी वाली वायु गुणवत्ता को दर्शाता है।