दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर देश के प्रमुख अन्य शहरों की वायु गुणवत्ता बेहतर बनी हुई है। देश के कई हिस्सों में बारिश का असर वायु गुणवत्ता पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, दिल्ली-एनसीआर में रविवार की रात से हवा में खतरनाक पार्टिकुलेट मैटर की बढ़ोतरी शुरू हो गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि तेज बारिश नहीं होगी, ऐसी स्थिति में एक बार फिर प्रदूषण का स्तर बढ़ सकता है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक देश के कुल 95 शहरों की वायु गुणवत्ता सूचकांक में अधिकांश शहर संतोषजनक वायु गुणवत्ता वाली श्रेणी से लेकर सामान्य प्रदूषण वाली वायु गुणवत्ता श्रेणी में बरकरार हैं। हालांकि, दिल्ली और एनसीआर के कुछ शहर अब भी खराब वायु गुणवत्ता वाली सूची में पहुंच गए हैं। बारिश का प्रभाव खत्म होते ही ज्यादातर शहरों की वायु गुणवत्ता खराब और बहुत खराब श्रेणी में पहुंचने के आसार हैं।
सीपीसीबी के मुताबिक सोमवार को जारी 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली का एक्यूआई स्तर 217 , गुरुग्राम का एक्यूआई स्तर 173 , फरीदाबाद का एक्यूआई स्तर 189, नोएडा का एक्यूआई स्तर 250, ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई स्तर 239 रहा। सीपीसीबी के मुताबिक 0 से 50 तक का एक्यूआई स्तर अच्छी हवा, 51 से 100 का एक्यूआई स्तर संतोषजनक स्थिति वाली हवा और 101 से 200 का एक्यूआई स्तर सामान्य प्रदूषण वाली हवा व 201 से 300 का एक्यूआई स्तर खराब वायु गुणवत्ता और 301 से 400 का एक्यूआई बहुत खराब वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।
पीएम कणों में भी बढ़ोतरी
दिल्ली-एनसीआर में पार्टिकुलेट मैटर 2.5 और 10 का स्तर तीन मार्च तक सामान्य स्तरों पर था। हालांकि, रविवार की रात से पीएम कणों में बढ़ोत्तरी शुरु हुई है। सोमवार को रात आठ बजे पीएम 10 का स्तर 168 और पीएम 2.5 का स्तर 96 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का सामान्य मानक 60 और पीएम 10 का सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर होता है।