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Delhi : एनबीसीसी के जीएम को डिजिटल अरेस्ट करके 55 लाख की ठगी, काली कमाई को विदेश भेज रहे थे साइबर अपराधी

Thu, 26 Sep 2024 01:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान प्रभात कुमार, राजेश कुमार उर्फ राजा और अर्जुन सिंह के रूप में हुई।
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demo pic - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेशनल बिल्डिंग्स कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन (एनबीसीसी) के जनरल मैनेजर (फाइनेंस) को डिजिटल अरेस्ट कर उनसे 55 लाख रुपये ठग लिए गए। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मामले का पर्दाफाश कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान प्रभात कुमार, राजेश कुमार उर्फ राजा और अर्जुन सिंह के रूप में हुई। इनके कब्जे से तीन मोबाइल, सिम कार्ड, फर्जी कंपनियों से संबंधित पासबुक, चेक बुक, दस्तावेज, पैन कार्ड, और स्टैंप और ठगी की रकम में से 20 लाख रुपये बरामद किए हैं। पैसे पीड़ित को लौटा दिए गए हैं। आरोपी फर्जी कंपनियों का उपयोग कर अपराध की कमाई को विदेश भेज रहे थे।

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आईएफएसओ यूनिट प्रमुख पुलिस उपायुक्त डाॅ. हेमंत तिवारी ने बताया कि एनबीसीसी के जनरल मैनेजर ने 12 सितंबर को आईएफएसओ, स्पेशल सेल में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने कहा था कि 9 सितंबर 2024 की सुबह एक कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट, टर्मिनल 2 के कस्टम कार्यालय का अधिकारी बताया। उनकी पहचान की पुष्टि करने के बाद कॉलर ने उन्हें सूचित किया कि 6 सितंबर को कस्टम अधिकारियों ने एक पार्सल जब्त किया। पार्सल में 16 फर्जी पासपोर्ट, 58 एटीएम कार्ड और 40 ग्राम एमडीएमए बरामद हुए हैं। पार्सल पर भेजने वाले के रूप में उनका नाम दर्ज है। इसके बाद कॉलर ने बताया कि मुंबई पुलिस ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है और उन्हें समर्पण करना होगा। आरोपी ने उन्हें मुंबई पुलिस के हवलदार का परिचय पत्र भेजा था। धोखेबाजों ने और डराने के लिए यह भी दावा किया कि उनके खिलाफ सीबीआई जांच भी चल रही है और जल्द गिरफ्तारी हो सकती है।

गिरफ्तारी की आशंका तक उन्हें डिजिटल अरेस्ट रखा गया, जिसमें उन्हें लगातार व्हाट्सएप की वीडियो कॉल के माध्यम से निगरानी में रखा गया। कॉल के दौरान अलग-अलग व्यक्तियों ने खुद को मुंबई पुलिस, सीबीआई और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी बताकर उन्हें धन हस्तांतरण करने के लिए मजबूर किया। इन लोगों ने उनसे यह कहकर पैसे ट्रांसफर कराए कि उनके बैंक खातों की जांच के लिए यह आवश्यक है ताकि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से बचाया जा सके। कुल मिलाकर उन्हें 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी का सामना करना पड़ा। मामला दर्ज कर एसीपी जयप्रकाश के नेतृत्व में निरीक्षक राम निवास और निरीक्षक सुनील कुमार, एएसआई संजय व अन्य की टीम ने आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद एक फर्जी कंपनी कैमेलिया सर्विस अपार्टमेंट एलएलपी के मालिकों की पहचान की।
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इंस्पेक्टर मनोज भाटी की टीम ने तीन आरोपियों प्रभात कुमार, राजेश कुमार उर्फ राजा और अर्जुन सिंह को बुराड़ी से गिरफ्तार किया है। प्रभात कुमार और राजेश कुमार कैमेलिया सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के मालिक हैं। ये दोनों इस कंपनी के खातों का उपयोग धोखाधड़ी से कमाई गई राशि को हेराफेरी के लिए करते थे। अर्जुन सिंह धोखाधड़ी के लिए फर्जी बैंक खाते खोलने में इनकी मदद करता था।

ऐसे करते थे ठगी
यह सिंडिकेट पुलिस, सीबीआई, कस्टम और अन्य सरकारी एजेंसियों के अधिकारियों के रूप में खुद को पेश करता था। यह पीड़ितों को बताते थे कि एक पार्सल में निषिद्ध सामग्री पाई गई है, जिसमें उनका नाम भेजने वाले के रूप में दर्ज है। शुरुआत में पीड़ितों को गिरफ्तारी और कड़ी सजा की धमकी दी जाती थी, लेकिन बाद में सहानुभूति दिखाते हुए कहा जाता था कि यह पहचान की गलती हो सकती है। पीड़ितों को मामले को हल करने के लिए औपचारिक शिकायत दर्ज कराने और सत्यापन के लिए अपने सभी खातों से पैसे अन्य फर्जी खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता था। उन्हें यह झूठा आश्वासन दिया जाता था कि सत्यापन के बाद उनकी राशि वापस कर दी जाएगी।

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