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Delhi: भारतीय प्रकाशन जगत के पुरोधा नरेंद्र कुमार वर्मा का निधन, शिक्षा और साहित्य संसार में शोक की लहर

Mon, 13 Jul 2026 06:45 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

उनके निधन से साहित्य, प्रकाशन और शिक्षा जगत में शोक की लहर है। वे अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसने लाखों पाठकों, लेखकों और प्रकाशन जगत से जुड़े लोगों को दशकों तक प्रेरित किया। 
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नरेंद्र कुमार वर्मा - फोटो : X@DrRPNishank
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भारतीय प्रकाशन जगत के वरिष्ठ प्रकाशक, डायमंड ग्रुप के अध्यक्ष और देश के प्रकाशन उद्योग को नई पहचान देने वाले नरेंद्र कुमार वर्मा का शनिवार को निधन हो गया। उनके निधन से साहित्य, प्रकाशन और शिक्षा जगत में शोक की लहर है। वे अपने पीछे एक ऐसी विरासत छोड़ गए हैं, जिसने लाखों पाठकों, लेखकों और प्रकाशन जगत से जुड़े लोगों को दशकों तक प्रेरित किया। 

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नरेंद्र कुमार वर्मा के मार्गदर्शन में हजारों पुस्तकें, पत्रिकाएं, कॉमिक्स और शैक्षणिक प्रकाशन प्रकाशित हुए, जिन्होंने भारतीय पाठकों, विशेषकर बच्चों और युवाओं के बीच विशेष पहचान बनाई। उनकी साहित्य के प्रति समर्पण ने भारतीय प्रकाशन उद्योग को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रकाशन जगत में उनके योगदान के साथ-साथ उन्हें एक सरल, विनम्र और दूरदर्शी व्यक्तित्व के रूप में भी याद किया जाएगा। उन्होंने लेखकों, चित्रकारों, संपादकों, शिक्षकों और प्रकाशन क्षेत्र से जुड़े असंख्य लोगों को आगे बढ़ने का अवसर दिया।

इस मौके पर वर्मा परिवार ने जारी शोक संदेश में कहा कि उनका जीवन पुस्तकों, लेखकों और पाठकों को समर्पित रहा। उनकी सोच, मूल्य और साहित्यिक योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे। 

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