छह साल से खाली पड़े नरेला के डीडीए फ्लैटों को अब कोरोना वायरस के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। यहां कोरेन्टाइन व्यवस्था की गई है। करीब 4 हजार लोगों को कोरेन्टाइन करने का बंदोबस्त है। वर्ष 2014 की आवासीय योजना में दिल्ली विकास प्राधिकरण ने नरेला में फ्लैट आवंटन के लिए तैयार किए थे लेकिन वहां बुनियादी सेवाएं पूरी न होने के कारण चार बार आवासीय योजना में शामिल करने के बाद भी इनके अब तक खरीदार नहीं मिले हैं। अभी कई फ्लैट्स ऐसे हैं जिनका कोई खरीदार नहीं है। सोमवार शाम तक यहां 250 लोगों को रखा जा चुका है। ये सभी लोग विदेश यात्रा से लौटकर आए हैं।
जानकारी के अनुसार, यहां दिल्ली का सबसे बड़ा कोरेन्टाइन सेंटर बनाया गया है। इसमें करीब 4 हजार लोगों को रखा जा सकता है। यहां 14 दिन तक लोगों को डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा। सेंटर में 250 से ज्यादा बेड तैयार कर लिए गए हैं। इसकी देखरेख डीएम की निगरानी में की गई है। पश्चिमी दिल्ली के आयुक्त दीपक शिंदे ने बताया कि विदेश से आने वाले सभी लोगों को यहां रखने की व्यवस्था की गई है।