दिल्ली के सबसे पॉश इलाकों में एक पंचशील पार्क में हुई बुजुर्ग की हत्या के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कातिल ने बुजुर्ग पर चाकू से 35 से ज्यादा वार किए थे। चाकू के वार से शरीर छलनी हो गया। कातिल चार घंटे घर में छिपा रहा। सात घंटे में वारदात कर घर से बाहर आया।
दिल्ली के सबसे पॉश इलाकों में एक पंचशील पार्क में बुजुर्ग रोहित कुमार अलख (64) की हत्या मामले में नया खुलासा सामने आया है। आरोपी चार घंटे पीड़ित के घर में छिपा रहा और उसने सात घंटे में वारदात को अंजाम दिया।
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उसने वारदात के लिए तीन से चार बार रेकी थी। वह अपनी महिला दोस्त को दिल्ली की अच्छी कॉलोनी में 35 से 40 हजार रुपये महीने का किराए पर मकान दिलाना चाहता था। महिला दोस्त दक्षिण दिल्ली के एक बड़े मॉल में काम करती है।
वह महिला दोस्त के साथ रहना चाहता था। इसलिए उसने यह साचिश रची। बुजुर्ग और उनके दोनों बेटों के पास अमेरिका की नागरिकता है। छोटा बेटा कुछ वर्ष पहले ही अमेरिका से आया था।
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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, बुजुर्ग रोहित ने अपनी इमारत की तीसरी मंजिल किराए पर दे रखी थी। यहां कोई ऑफिस था। आरोपी अभय इसी ऑफिस में काम करता था। इस कारण वह बुजुर्ग के घर के बारे में जानकारी रखता था।
उसे पता था कि ग्राउंड फ्लोर पर बुजुर्ग अकेले रहते हैं। उसे ये पता नहीं था कि उनका छोटा बेटा अमेरिका से वापस आ गया है। उसने वारदात के लिए तीन-चार बार रेकी की। वारदात वाली रात वह रात को 12 बजे मेन गेट से कूदकर अंदर घुस गया। इसके बाद वह कोठी के पिछले हिस्से में जाकर छिप गया।
वह बुजुर्ग के मूवमेंट पर नजर रखता रहा। सुबह चार बजे उसने रोहित कुमार के बैडरूम में घुसकर लॉकर से सामान चुराने का प्रयास किया। तभी वह जग गए। उन्होंने उसे पीटना शुरू कर दिया।
इसके बार आरोपी युवक ने चाकू से बुजुर्ग पर हमला दिया। आरोपी ने उन पर चाकू से 35 से ज्यादा वार किए। इसके बाद वह सुबह 7.15 बजे घर से फरार हो गया। हालांकि वह सामान चुराकर नहीं ले जा पाया।
महिला दोस्त के साथ महंगे फ्लैट में रहना चाहता था
आरोपी अपनी महिला दोस्त को अच्छी कॉलोनी में मकान दिलाना चाहता था, ताकि वह उसके साथ रह सके। वह 35 से 40 हजार रुपये प्रति महीने के किराया वाला मकान देख रहा था। उसने साजिश रचकर वारदात को अंजाम दिया। उसने मालवीय नगर बाजार से ग्लब्स और मफलर खरीदा था।
आरोपी अभय फिलहाल मोती नगर स्थित डीएलएफ सोसाइटी में कुक की नौकरी कर रहा था। बुजुर्ग रोहित कुमार के पिता की दिल्ली के खारी बावली में सूखे मेवों की बहुत बड़ी दुकान थी। वह दिल्ली के प्रतिष्ठित व्यापारी थे।