बाहरी उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी स्वामी ने बताया कि 6 नवंबर को नत्थूपुरा निवासी 26 साल के योगेंद्र की गुमशुदगी की शिकायत उसके परिवार वालों ने स्वरूप नगर थाने में की। जांच के दौरान ही 12 नवंबर को आईपी कॉलोनी नाले से एक अज्ञात शव सड़ी गली अवस्था में मिला। परिवार वालों ने मृतक की पहचान योगेंद्र के रूप में की। 17 नवंबर को आए पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी चाकू मारकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। उसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
थाना प्रभारी आलोक रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने दो टीम गठित की। एक टीम ने सीसीटीवी कैमरे और तकनीकी जांच में जुटी। वहीं दूसरी टीम मृतक के परिवार वालों सहित अन्य लोगों से पूछताछ शुरू की। सीसीटीवी कैमरे की जांच में पुलिस को शव मिलने वाली जगह पर एक वैगन आर कार संदिग्ध हालत में दिखी। लेकिन कार का अधूरा नंबर (0250/3250) का पता चला। पुलिस ने दोनों नंबरों का रजिस्ट्रेशन डिटेल्स परिवार को दिखाया। परिवार वाले ने एक नंबर को मृतक के बहनोई की गाड़ी का बताया।
पूछताछ में पता चला कि जिस दिन मृतक गायब हुआ वह अपने बहनोई अनीस पाल के साथ ही था। पुलिस ने अनीस पाल की कार की जांच की। कार में एक खून से सना चाकू, वैगनआर कार की कंडक्टर सीट खून से सनी हुई थी। साथ ही सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और उसके कपड़े को पुलिस ने जब्त कर लिया। साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने अनीस पाल को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका साला नशे का आदी था। वह अकसर उसकी पत्नी के साथ बदसलूकी करता था। पत्नी ने भी इसकी शिकायत उससे की थी। लेकिन घर का मामला होने की वजह से परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस में नहीं की। 5 नवंबर को योगेंद्र अपनी बहन के घर आया था। आरोपी ने उसे मुरथल जाने की बात कहकर कार में बिठाया। दोनों ने कार में शराब पी और फिर कार में उस बात को लेकर हुई कहासुनी के दौरान आरोपी ने चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी। पहचान छिपाने के लिए आरोपी ने मृतक के सारे कपड़े उतारकर उसके शव को नाले में फेंक दिया।