दिल्ली नगर निगम की सदन की अगली बैठक बुधवार को होने जा रही है। इसके लिए 22 महत्वपूर्ण प्रस्ताव एजेंडे में शामिल हैं। इनपर सदन में चर्चा होनी है और सर्वसम्मति से पास किया जाना है। लेकिन एजेंडा सार्वजनिक होने के साथ ही इनमें से कई प्रस्तावों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों एक बार फिर एक दूसरे के खिलाफ आमने सामने आ खड़े हुए हैं। आशंका है कि सदन की बैठक कहीं फिर से हंगामे की भेंट न चढ़ जाए। इससे पहले भी निगम की सदन की बैठक में बार बार हंगामा होता रहा है।
निगम की सदन की पिछली बैठक हंगामे के चलते महज पांच मिनट ही चल पाई थी और इस बीच 50 से ज्यादा प्रस्ताव बिना चर्चा के पास किए गए थे। इस बार सदन की बैठक में निगम स्कूलों के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगाने, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती करने और सफाई कर्मियों को नियुक्त करने का प्रस्ताव आ रहे हैं। डीबीसी कर्मियों के आश्रितों की भर्ती के संबंध में भी एजेंडा है, फिल्म पॉलिसी में परिवर्तन और एक जून को म्यूनिसिपल डे मनाने से संबंधित प्रस्ताव भी इसमें शामिल है। इनपर चर्चा होगी या फिर इन्हें हंगामे के बीच ही पास किया जाएगा। ये बुधवार को ही साफ हो पाएगा।
एक प्रस्ताव पर हो सकता है हंगामा
एजेंडे में शामिल एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष ने पहले ही पल्ला झाड़ लिया है कि ये निगम अधिकारियों द्वारा एजेंडे में शामिल किया गया प्रस्ताव है। इस प्रस्ताव को लेकर नेता विपक्ष राजा इकबाल सिंह ने सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाया है। उनका आरोप है आप पार्टी निगम के अफसरों से सांठ गांठ कर दिल्ली में टोल टैक्स एकत्रित करने वाली कंपनी को करीब 46 करोड़ रुपये का भुगतान कराने संबंधी प्रस्ताव पास कराना चाहती है। उन्होंने बताया, इससे पहले ये प्रस्ताव निगम के पूर्व विशेष अधिकारी अश्वनी कुमार के पास गया था, तब उन्होंने इस प्रस्ताव से संबंधित फाइल को कुछ आपत्तियां लगाकर वापस भेज दिया था। इसी प्रस्ताव को दोबारा सदन में लाकर पास कराने की तैयारी है। सदन में ये प्रस्ताव पास हुआ तो विपक्ष इसका जबरदस्त विरोध करेगा।