वित्त विभाग से फंड नहीं मिलने पर केजरीवाल सरकार का मुख्य सचिव व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से टकराव के बीच जल मंत्री व दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों में भी रार बढ़ गई है। जल मंत्री ने जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को दूषित पानी की आपूर्ति पर घेरने के लिए एक कड़ा पत्र लिखा। उन्होंने न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में दूषित पानी की समस्या पर ध्यान नहीं देने वाले बोर्ड के अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए है।
जल मंत्री आतिशी ने दिल्ली जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को लिखे पत्र में दूषित पानी की आपूर्ति पर नाराजगी जताते हुए इस समस्या का जल्द से जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें डी-ब्लॉक न्यू फ्रेंड्स कालोनी में दूषित पानी की आपूर्ति आने के संबंध में शिकायत मिली है। शिकायत के साथ संलग्न तस्वीरों से पता चलता है कि इलाके के निवासियों को गंदा पानी मिल रहा है। यह स्वीकार्य नहीं है और राजधानी के निवासियों को साफ पानी नहीं मिलने का मामला चौंकाने वाला है। लिहाजा राजधानी के प्रत्येक निवासी को स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की दिल्ली जल बोर्ड की जिम्मेदारी है। इस मामले में लापरवाही बरतने वालों के कार्रवाई होनी चाहिए।
48 घंटे में मांगी रिपोर्ट
आतिशी ने जल बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिया कि न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में दूषित पानी की समस्या 48 घंटे के भीतर दूर करके एक पुख्ता रिपोर्ट भेजी जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि न्यू फ्रेंड्स कालोनी में दूषित पानी की आपूर्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की जरूरत है। इसके बाद बोर्ड का कोई भी अधिकारी सभी इलाकों में स्वच्छ और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने में ढिलाई नहीं बरतेगा।
गत सप्ताह आतिशी ने उपराज्यपाल को लिखे एक पत्र में दावा किया था कि मुख्य सचिव के इशारे पर वित्त सचिव दिल्ली जल बोर्ड को फंड जारी नहीं कर रहे है। इस कारण राजधानी में पेेयजल संकट गहरा सकता है और सीवर व्यवस्था प्रभावित हो सकती है, क्योंकि ठेकेदारों को बकाया राशि नहीं दी जा रही है।