दिल्ली में बैक्वेंट हाल, ढाबा और रेस्तरां का लाइसेंस मंहगा हो गया है। दिल्ली नगर निगम ने हेल्थ ट्रेड लाइसेंस की दरों को बढ़ा दिया है। बढ़ी दरों का सबसे ज्यादा असर पूर्वी दिल्ली और उत्तरी दिल्ली इलाके में पड़ेगा, क्योंकि पहले तीन नगर निगम होने की स्थिति में दक्षिणी निगम क्षेत्र में हेल्थ ट्रेड लाइसेंस की दरें पूर्वी और उत्तरी दिल्ली क्षेत्र की तुलना में ज्यादा थीं। एमसीडी के इस फैसले से पूरी दिल्ली में हेल्थ ट्रेड लाइसेंस की समान दरें अब लागू होंगी, लेकिन अब व्यवसायियों को लाइसेंस लेने के लिए अपनी जेब अधिक ढीली करनी होगी।
निगम को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए एमसीडी के विशेष अधिकारी की तरफ से हेल्थ ट्रेड लाइसेंस की दरों को बढ़ाने का फैसला लिया गया। अब नया लाइसेंस लेने के लिए 1000 रुपये की प्रक्रिया शुल्क अनिवार्य रूप से देनी होगी। वहीं डी-सीलिंग की स्थिति में नया लाइसेंस लेने पर सालाना लाइसेंस शुल्क का तीन गुना अधिक भुगतान करना होगा। अब लाइसेंस नवीनीकरण की स्थिति में एक्सपायरी डेट के एक महीने तक देरी शुल्क नहीं देना होगा। लेकिन इसके बाद भी देरी होने पर लाइसेंस फीस का 10 फीसदी हर महीने भुगतान करना पड़ेगा। वहीं, अब हर तीसरे साल सालाना लाइसेंस फीस 15 फीसदी बढ़ जाया करेगी।
पांच से लेकर तीन सितारा होटल, बैंक्वेट हॉल, कैटरिंग, कॉफी हाउस, खाने-पीने की दुकानों, जूस की दुकानों, धर्मशाला, सराय, गेस्ट हाउस, बेकरी, फ्लोर मिल, मिठाई की दुकान, मेडिकल स्टोर, आइसक्रीम फैक्ट्री, पान की दुकान, सैलून, वाटर ट्राली, सर्कस, क्लब, जिम समेत 94 श्रेणियों में हेल्थ लाइसेंस पंजीकरण से लेकर सालाना लाइसेंस फीस की दरों को बढ़ा दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर ढाबा खोलने वालों पर पड़ेगा। दिल्ली में ढाबा खोलने के लिए पहले पंजीकरण फीस 2500-10000 रुपये तक देनी पड़ती थी, लेकिन अब इसके लिए सीधा 25 हजार रुपये देने होंगे और 6000 रुपये लाइसेंस फीस भरनी पड़ेगी। वहीं बैंक्वेंट हाल की सालाना लाइसेंस फीस पहले 5000-25000 रुपये तक भरनी पड़ती थी, पूर्वी और उत्तरी दिल्ली में यह फीस काफी कम थी। अब पूरी दिल्ली में इसके लिए 25000 रुपये भरने पड़ेंगे।