उत्तर-पश्चिम जिले के स्पेशल स्टाफ ने शुक्रवार को दो हथियार तस्करों को दबोचा था। पूछताछ में एक बदमाश ने बताया कि गिरफ्तारी वाली जगह उसने पार्क में एक पिस्टल छिपाई है। पुलिस उसे लेकर पिस्टल बरामद करने पहुंची तो उसने अचानक पार्क में छिपाई पिस्टल उठाई और पुलिस पर गोली चला दी।
जवाबी कार्रवाई में बदमाश के पैर में गोली लगी। उसे पकड़ने में एक सिपाही के हाथ में फ्रेक्चर हो गया और कंधे में चोट भी लग गई। अब बदमाशों से कुल तीन पिस्टल और छह कारतूस बरामद हो गए हैं। पुलिस ने रफीक उर्फ रोखा (24) के खिलाफ हत्या के प्रयास, ड्यूटी के दौरान सरकारी कर्मचारी पर हमले और सरकारी काम में बाधा डालने का एक और मामला दर्ज किया है। रफीक के खिलाफ अलग-अलग थानों में 54 मामले दर्ज हैं।
उत्तर-पश्चिम जिले की पुलिस उपायुक्त विजयंता आर्या ने बताया कि शुक्रवार शाम उनकी टीम ने एक सूचना के बाद झील वाला पार्क, कब्रिस्तान, मुकरबा चौक, जहांगीरपुरी में रफीक और अख्तर (31) को दबोचा था।
इनके पास से एक-एक पिस्टल व कारतूस बरामद कर शुक्रवार को महेंद्र पार्क थाने में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में रफीक ने कहा कि उसने पार्क में एक और पिस्टल छिपाई है। पुलिस रफीक को लेकर पार्क पहुंची। वहां वह पुलिस को इधर-उधर घुमाकर गुमराह करता रहा।
लघुशंका की बात कहकर वह एक जगह बैठ गया। एक पत्थर के नीचे छिपाई पिस्टल निकालकर उसने पुलिस पर तान दी और गोली चला दी। सिपाही प्रदीप ने झुककर जान बचाई। एसआई हिमांशु और सिपाही प्रदीप ने हवा में गोली चलाकर रफीक से सरेंडर को कहा। उसने दोबारा गोली चलाने का प्रयास किया तो प्रदीप उस पर टूट पड़ा।
इसमें प्रदीप को चोट लग गई, लेकिन उसने रफीक को नहीं छोड़ा। रफीक भागते हुए गोली चलाने का प्रयास करने लगा तो एसआई हिमांशु ने रफीक के पैर पर गोली चलाई। रफीक और सिपाही प्रदीप को अस्पताल ले जाया गया।