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अब ब्लू लाइन पर नहीं अटकेगी दिल्ली मेट्रो, यात्रियों को नहीं झेलनी पड़ेगी परेशानी

Mon, 20 Feb 2017 01:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली मेट्रो
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दिल्ली की लाइफ लाइन बन चुकी मेट्रो में बीते कुछ समय से लगातार आ रही खामियां यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। मगर दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने रफ्तार में बाधा बन रहे सभी तकनीकी खामियों को चिह्नित कर उसे दूर करने का काम शुरू कर दिया है। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक मंगू सिंह ने मेट्रो परिचालन व्यवस्थाओं की समीक्षा के बाद उन कमियों को दूर करने का निर्देश दिया है।
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परिचालन के दौरान मेट्रो में आ रही ब्रेकडाउन के लिए प्रबंधन ने अलग-अलग कारणों को चिह्नित किया है। इसमें पाया गया कि ट्रेन के भीतर स्थित ऑन-बोर्ड स्वचालित ट्रेन कंट्रोल (एटीसी) पावर कार्ड फेल हो जाने के कारण रुकावट आई। मेट्रो इस मॉड्यूल को पहचान कर इन्हें बदलेगा। एटीसी से मेट्रो ट्रेन की गति नियंत्रण की जाती है। इसके अलावा सेंट्रल एटीसी में खराबी के चलते कई बार ट्रेनों की आईडी नष्ट हो जाती है। इससे ट्रैक पर ट्रेन की पहचान मुश्किल हो जाती है।

ट्रेनों में लगे एक्सल काउंटर से एक निश्चित स्थान से ट्रेन के प्रवेश और निकासी पता लगाया जाता है। इससे यह तय करते है कि अगली ट्रेन आने के लिए यह सेक्शन उचित है या नहीं। इसे ब्लू लाइन पर द्वारका, द्वारका सेक्टर 21, यमुना बैंक, नोएडा सिटी सेंटर और वैशाली में लगाया जाएगा। कुछ ट्रेनों में लगे ट्रेन इंटरफेस कंप्यूटर (टीआईसी) कॉड में भी खराबी आई है। अगले छह माह में इसे भी बदला जाएगा।
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हार्डवेयर, सॉफ्टवेयर में बदलाव 

दिल्ली मेट्रो
रोलिंग स्टॉक और ट्रैक्शन (ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन) में कई सुधार किए जा रहे हैं, जिनसे बाधाओं को कम किया जा सके। रोलिंग स्टॉक में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर से संबंधित संशोधन 175 ट्रेनों में पूरा किया गया है और 56 ट्रेनों में रखरखाव परीक्षण किया गया है। ट्रैक्शन (ओएचई) में भी इंसुलेटर नेटवर्क बदले गए हैं, ताकि रुकावटों की रोकथाम की जा सके।

ब्लू लाइन पर लगेंगे रिले बोर्ड
ट्रैक सर्किट कॉपर केबल की चोरी की बार बार होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए स्टील से बने हुए एस बांड केबल सभी नेटवर्कों के संवेदनशील हिस्सों में लगाए गए हैं।

अधिक दक्षता के लिए ट्रैक सर्किट प्रणाली में उच्च विश्वसनीयता वाले रिले बोर्ड लगाए जा रहे हैं। ये रिले बोर्ड नोएडा सिटी सेंटर, वैशाली और द्वारका सेक्टर 21 में पहले ही बदले जा चुके हैं, जबकि द्वारका और यमुना बैंक में बदला जा रहा है।
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