दिल्ली मेट्रो के फेज-4 का इंतजार अब खत्म होने वाला है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मजलिस पार्क–मौजपुर और दीपाली चौक–मजलिस पार्क सेक्शन पर मेट्रो संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। दोनों सेक्शन पर ट्रायल रन के बाद कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ने यात्रियों के लिए संचालन की मंजूरी दे दी है। सूत्रों की माने तो इस माह प्रधानमंत्री इन सेक्शन का उद्घाटन कर सकते हैं।
दोनों कॉरिडोर की कुल लंबाई 22.218 किलोमीटर है। 12.318 किलोमीटर लंबी मजलिस पार्क–मौजपुर लाइन पर आठ नए स्टेशन बनाए गए हैं। वहीं, दीपाली चौक-मजलिस पार्क कॉरिडोर फेज-4 के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग कॉरिडोर का हिस्सा है, जो मजेंटा लाइन का विस्तार है।
मजेंटा लाइन फिलहाल बोटेनिकल गार्डन से कृष्णा पार्क एक्सटेंशन तक संचालित है, जबकि कृष्णा पार्क से दीपाली चौक तक निर्माण कार्य जारी है। सात नए स्टेशन और 9.9 किलोमीटर का नया मार्ग दीपाली चौक से मजलिस पार्क तक तैयार है। डीएमआरसी के सूत्रों के अनुसार, संचालन के लिए सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है। अब अंतिम रूप से उद्घाटन की तिथि घोषित होने का इंतजार है।
मजलिस पार्क बनेगा इंटरचेंज हब...
मेट्रो संचालन शुरू होने पर मजलिस पार्क स्टेशन पिंक लाइन और मजेंटा लाइन दोनों का इंटरचेंज स्टेशन बन जाएगा। इस विस्तारित नेटवर्क में बादली मोड़ और हैदरपुर भी महत्वपूर्ण इंटरचेंज स्टेशनों में शामिल होंगे। मजलिस पार्क-मौजपुर (पिंक लाइन) कॉरिडोर के शुरू होने से राजधानी में पहली बार रिंग मेट्रो (गोलाकार मार्ग) का सपना साकार होगा, जिससे पिंक लाइन 71 किमी से ज्यादा लंबी हो जाएगी। इस लाइन से बुराड़ी, सोनिया विहार, भजनपुरा जैसे क्षेत्रों को कनेक्टिविटी मिलेगी, यात्रा समय घटेगा, और नोएडा-गाजियाबाद की यात्रा सुगम होगी।
वहीं दीपाली चौक–मजलिस पार्क (मैजेंटा लाइन विस्तार) कॉरिडोर से उत्तर-पश्चिमी दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे पीतमपुरा, प्रशांत विहार और मजलिस पार्क जैसे क्षेत्र सीधे पिंक व येलो लाइन से जुड़ जाएंगे। यह 9 किमी लंबा कॉरिडोर यात्रा समय कम करेगा और रिंग रोड के ट्रैफिक को कम करेगा।
तीन कॉरिडोर का शिलान्यास भी हो सकता हैं
रामकृष्ण आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ 9.913 किमी भूमिगत, एरोसिटी से आईजीआई टी-1) 2.263 किमी भूमिगत और तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज 3.900 किमी एलिवेटेड इन कॉरिडोर का इस माह शिलान्यास भी हो सकता है। बीते दिनों दिल्ली सरकार ने इन तीनों कॉरिडोर को कैबिनेट से मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार की ओर से तीनों काॅरिडोर काे मंजूरी बीते साल दी जा चुकी है।