दिल्ली मेट्रो अब स्मार्ट कार्ड से यात्रियों को सफर करवाने के साथ-साथ अलग से पैसा भी कमाएगी। डीएमआरसी प्रबंधन ने स्मार्ट कार्ड समेत टोकन के पीछे विज्ञापन योजना को हरी झंडी दे दी है। स्मार्ट कार्ड में विज्ञापन के लिए देसी-विदेशी कंपनियां भाग ले सकती हैं।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ट्रेन के बाहर विज्ञापन लगाने के बाद अब स्मार्ट कार्ड और टोकन के पीछे विज्ञापन देगी। स्मार्ट कार्ड के पीछे की तरफ होटल, टूरिज्म इंडस्ट्री, फाइनेंस, इंश्योरेंस, बैंक समेत अन्य कंपनियां विज्ञापन दे सकती हैं।
कंपनियां कार्ड के पीछे अपना फोन नंबर, विज्ञापन का उद्देश्य, ईमेल आईडी आदि भी दे सकेंगी, जबकि टोकन के पीछे विज्ञापन कुछ अलग ढंग का होगा। हालांकि ट्रायल के तौर पर मेट्रो ने कुछ स्मार्ट कार्ड पर विज्ञापन शुरू भी करवाया है, ताकि कंपनियों को दिखाया जा सके।
बता दें कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने दिल्ली मेट्रो को यात्रियों पर किराए बढ़ोतरी का बोझ कम करने और खर्च निकालने के लिए अन्य माध्यमों पर काम करने का निर्देश दिया था। इसी कड़ी में मेट्रो प्रबंधन नए-नए प्रयोेग कर रहा है।
वेबसाइट कंपनियों को भी जुड़ने का मिलेगा मौका
स्मार्ट कार्ड से विज्ञापन के लिए वेबसाइट कंपनियों को भी जुड़ने का भी मौका मिलेगा। स्मार्ट कार्ड व टोकन केपीछे वेबसाइट से बिजनेस चलाने वाली कंपनियों को भी जोड़ने की योजना है।
भारत में कंपनी का रजिस्टर्ड होना अनिवार्य
दिल्ली मेट्रो ने स्मार्ट कार्ड के पीछे विज्ञापन के लिए देसी-विदेशी सरकारी व निजी कंपनियों को भाग लेने की अनुमति दी है। हालांकि विदेशी कंपनियों के लिए शर्त भी लगाई गई है कि भारत में रजिस्टर्ड ऑफिस होना अनिवार्य है।
25 लाख हैं स्मार्ट कार्ड वाले
दिल्ली मेट्रो में प्रतिदिन यात्रा करने वाले ग्राहकों का आंकड़ा 28 लाख पार कर चुका है, जबकि 25 लाख यात्री स्मार्ट कार्ड से सफर करते हैं। हर महीने 3 लाख से अधिक स्मार्ट कार्ड बिकते हैं। इसी तरह लगभग साढ़े चार लाख यात्री प्रतिदिन टोकन खरीदकर यात्रा करते हैं।