डीएमआरसी का दावा-हांगकांग, पेरिस और न्यूयॉर्क जैसी प्रमुख मेट्रो प्रणालियों से बेहतर प्रदर्शन, 23 साल में 8.4 से बढ़कर 416.5 किमी हुआ नेटवर्क
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो ने समय की पाबंदी और भरोसेमंद सेवा के मामले में नया मुकाम हासिल किया है। साल 2026 में इसकी 99.95 प्रतिशत ट्रेनें समय पर चलीं। खास बात है कि दिल्ली मेट्रो 59 सेकंड से ज्यादा की देरी को भी समय से पीछे मानती है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार, यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके समयबद्धता मानक के तहत निर्धारित समय से 59 सेकंड से अधिक की देरी को भी लेट माना जाता है। डीएमआरसी का दावा है कि इस कड़े मानक के बावजूद उसकी समयबद्धता हांगकांग मेट्रो, पेरिस मेट्रो और न्यूयॉर्क सबवे जैसी प्रमुख वैश्विक मेट्रो प्रणालियों से बेहतर है।
दिल्ली मेट्रो ने वर्ष 2002 में महज 8.4 किलोमीटर लंबे नेटवर्क और छह स्टेशनों के साथ अपना सफर शुरू किया था। आज इसका नेटवर्क बढ़कर 416.5 किलोमीटर और 303 स्टेशनों तक पहुंच चुका है। रोजाना औसतन 64.06 लाख यात्री यात्राएं दर्ज की जा रही हैं। डीएमआरसी का दावा है कि इतने बड़े नेटवर्क, लगातार बढ़ती भीड़ और कई रूटों पर ट्रेनों के भारी दबाव के बीच समय पर ट्रेन चलाना आसान काम नहीं है। ऐसे में 99.95 प्रतिशत की समयबद्धता डीएमआरसी के लिए बड़ी परिचालन उपलब्धि मानी जा रही है।
दो साल में 99 फीसदी के पार पहुंची समयबद्धता
डीएमआरसी के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2003 में मेट्रो ट्रेनों की समयबद्धता 98.27 प्रतिशत थी। वर्ष 2005 में यह बढ़कर 99.64 प्रतिशत हो गई। इसके बाद पंक्चुअलिटी लगातार 99.9 प्रतिशत के आसपास बनी रही और अब 2026 में यह बढ़कर 99.95 प्रतिशत पहुंच गई है।
सात मिनट से घटकर 2 मिनट 18 सेकंड हुआ अंतराल
नेटवर्क विस्तार के साथ ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी में भी बड़ा सुधार हुआ है। शुरुआती वर्षों में ट्रेनों के बीच करीब सात मिनट का अंतराल रहता था, जो अब सबसे व्यस्त कॉरिडोर पर घटकर 2 मिनट 18 सेकंड रह गया है।
एक खराबी से पहले औसतन 27.2 लाख किमी का सफर
डीएमआरसी के अनुसार, उसका मीन डिस्टेंस बिटवीन फेल्योर (एमडीबीएफ) 2.72 मिलियन यानी करीब 27.2 लाख कार-किलोमीटर है। इसका मतलब है कि सेवा प्रभावित करने वाली तकनीकी खराबी आने से पहले मेट्रो ट्रेन औसतन इतनी दूरी तय करती है। यह आंकड़ा नेटवर्क की परिचालन विश्वसनीयता का एक प्रमुख संकेतक माना जाता है।
29 फीसदी नेटवर्क पर ड्राइवरलेस संचालन
डीएमआरसी के करीब 29 फीसदी नेटवर्क पर ड्राइवरलेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं। लाइन-7 की लंबाई 71.55 किलोमीटर और इसमें 45 स्टेशन हैं। डीएमआरसी इसे दुनिया की सबसे लंबी ड्राइवरलेस मेट्रो लाइन बताता है।
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नंबरों में दिल्ली मेट्रो
2002 में शुरू हुआ परिचालन
8.4 किमी से शुरू हुआ नेटवर्क
416.5 किमी आज नेटवर्क की लंबाई
303 स्टेशन
31 इंटरचेंज स्टेशन
12 लाइनें