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किराया बढ़ते ही दिल्ली मेट्रो ने रोजाना गंवाए तीन लाख यात्री

Sat, 25 Nov 2017 10:35 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मेट्रो किराया बढ़ने के बाद रोजाना तीन लाख यात्री घटे
- आरटीआई से हुआ खुलासा, ब्लू लाइन पर सबसे ज्यादा असर
- अक्तूबर में यात्रियों की तादाद में 11 फीसदी की कमी
अमर उजाला ब्यूरो 
नई दिल्ली।
 
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विस्तार
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दिल्ली मेट्रो के किराये में बढ़ोतरी का असर यात्रियों की संख्या पर पड़ा है। अक्तूबर में किराया बढ़ाने के बाद से मेट्रो से रोजाना सफर करने वालों की लोगों की संख्या में करीब तीन लाख की कमी आई है।
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इसका खुलासा एक आरटीआई से हुआ है। सितंबर में रोजाना करीब 27.7 लाख यात्रियों को सफर कराने वाली मेट्रो से अक्तूबर में रोजाना 24.2 लाख लोगों ने सवारी की।

इस दौरान यात्रियों की संख्या में करीब 11 फीसदी कमी आई है। हालांकि, डीएमआरसी का दावा है कि यात्रियों की संख्या में आई कमी का किराया बढ़ोतरी से कोई सीधा संबंध नहीं है।
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दिल्ली सरकार की हर कोशिश नाकाम

- फोटो : ani
आरटीआई से प्राप्त जानकारी के मुताबिक अक्तूबर के किराये की बढ़ोतरी का असर सभी लाइनों पर पड़ा है। सबसे ज्यादा यात्री ब्लू लाइन व येलो लाइन पर दिखा है। किराया बढ़ाने के बाद ब्लू लाइन पर यात्रियों की संख्या में करीब एक लाख की कमी दर्ज की गई। वहीं येलो, वॉयलेट व रेड लाइन पर भी यात्रियों की संख्या में खासी गिरावट आई है।

मालूम हो कि बीते 10 अक्तूबर को दिल्ली मेट्रो ने पूरे नेटवर्क के करीब-करीब हर स्लैब के लिए किराया 10 रुपये बढ़ा दिया था। मई के बाद मेट्रो ने यह बढ़ोतरी दूसरी बार की थी। इससे मई से पहले के किराये की तुलना में फिलहाल लोगों को दोगुना किराया देना पड़ रहा है।

इस दबाव को झेल न पाने वाले मुसाफिरों ने मेट्रो से दूरी बना ली।  अहम यह कि मई में किराया बढ़ोतरी से भी मेट्रो नेटवर्क में करीब 1.50 लाख मुसाफिर कम हुए थे। यह कमी ब्लू लाइन व येलो लाइन पर ही दिखी थी। इसके उलट वॉयलेट व रेड लाइन पर उस दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ गई थी।

अक्तूबर में यात्रियों की संख्या में आई कमी
मेट्रो लाइन    लंबाई      यात्रियों की संख्या में कमी 
ब्लू लाइन     50 किमी      30 लाख
यलो लाइन    48 किमी     19 लाख
वॉयलेट लाइन  40 किमी   11.9 लाख
रेड लाइन        34 किमी    7.5 लाख 

नोट : पूरे अक्तूबर माह में यात्रियों की संख्या में आई कमी का आंकड़ा

मेट्रो का मौजूदा किराया
2 किलोमीटर तक : 10 रुपये 
2-5 किलोमीटर : 20 रुपये 
5-12 किलोमीटर : 30 रुपये 
12-21 किलोमीटर : 40 रुपये 
21-32 किलोमीटर : 50 रुपये 
32 किलोमीटर से ज्यादा : 60 रुपये

मेट्रो किराये बढ़ोतरी को कब-कब क्या हुआ

- फोटो : सुदर्शन झा
10 मई को पहले चरण का किराया बढ़ने के साथ अक्तूबर में किराया बढ़ोतरी की घोषणा की गई।
28 सितंबर को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर विरोध जताया।
29 सितंबर को मुख्यमंत्री ने केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को लिखकर बढ़ा किराया रोकने की मांग उठाई।
03 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने अपने परिवन मंत्री मुख्य सचिव के साथ बैठक कर इमरजेंसी बोर्ड बैठक बुलाने की मांग की।
06 अक्टूबर को दिल्ली के परिवहन मंत्री ने डीएमआरसी चीफ को हटाने तक की चेतावनी दी।
07 अक्तूबर को हरदीप सिंह पुरी केजरीवाल के पत्र का जवाब देते हुए किराया बढ़ोतरी रोकने का अधिकार नहीं होने की बात कही।
08 अक्तूबर को केजरीवाल ने फिर पलटवार किया और कहा कि वह अपने हिस्से का सब्सिडी देने के साथ डीएमआरसी का अधिग्रहण करने को तैयार हैं।
09 को अक्तूबर दिल्ली विधानसभा में इस पर चर्चा बुलाई गई तो उधर केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने फिर किराया में हस्तक्षेप से इनकार किया।
09 अक्तूबर को देर शाम डीएमआरसी बोर्ड चेयरमैन ने आपात बैठक बुलाई, जिसमें किराया बढ़ोत्तरी पर सहमति बनी।

दूरी        मौजूदा किराया    10 अक्तूबर               
0-2            10                     10              
2-5            15                     20              
5-12          20                     30              
12-21        30                     40              
21-31        40                     50      
32 से ऊपर   50                     60              
      
राष्ट्रीय अवकाश व रविवार को क्या होगा किराया      
दूरी        मौजूदा किराया    10 अक्तूबर               
0-2              10                     10              
2-5              10                     10              
5-12            10                      20              
12-21           20                     30              
21-32           30                     40      
32 से ऊपर      40                     50      

(नोट: किराया रुपये में है। दूरी किलोमीटर में है।)
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किराया बढ़ाने से नहीं घटे यात्री : डीएमआरसी 

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डीएमआरसी का कहना है कि यात्रियों की संख्या में आने वाली कमी की वजह किराया बढ़ोतरी नहीं है। बीते साल सितंबर और अक्तूबर में करीब 1.3 लाख यात्री कम हुए थे। जबकि उस दौरान कोई किराया नहीं बढ़ाया गया था।

डीएमआरसी ने मेट्रो यात्रियों की संख्या में आई कमी की दूसरी वजहें गिनाई हैं। मेट्रो प्रशासन के मुताबिक, इस साल अक्तूबर में पांच रविवार पड़े थे, जबकि सितंबर में चार रविवार थे। अक्तूबर में छुट्टी में यात्रियों की संख्या कार्य दिवसों की तुलना में 60 से 70 फीसदी रह गई है।

वहीं, महीने के शुरुआत में दशहरा व गांधी जयंती जैसी छुट्टियों की वजह से विकेंड लंबा हो गया था। इसी महीने में दिवाली, छठ पूजा, भाई दूज व गोवर्धन पूजा जैसे त्योहार भी थे। डीएमआरसी का कहना है कि नवंबर महीने में धीरे-धीरे यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

किराया बढ़ाने को किसी नहीं मिला फायदा: केजरीवाल
यात्रियों की संख्या में कमी आने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहना है कि मेट्रो का किराया बढ़ाने से किसी का भी भला नहीं हुआ। तीन लाख यात्री कम होने से मेट्रो का राजस्व घटा है। वहीं मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों ने परिवहन के लिए दूसरे माध्यमों को इस्तेमाल किया। इसका सीधा असर ट्रैफिक जाम व पर्यावरण प्रदूषण के तौर पर दिख रहा है।  केजरीवाल ने ट्वीट कर अपनी बात कही। बता दें कि किराया बढ़ाने के बाद अक्तूबर में केजरीवाल ने इसे जनविरोधी करार दिया था। वहीं, दिल्ली विधान सभा ने भी किराया बढ़ोतरी के खिलाफ एक प्रस्ताव पास किया था। 

स्वराज इंडिया ने किराया बढ़ाने पर मेट्रो को कोसा
स्वराज इंडिया का कहना है कि ऐसे वक्त जब दिल्ली प्रदूषण के बोझ तले दबी थी, लोगों के मेट्रो छोड़ने का असर ज्यादा नुकसानदेह रहा। दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अनुपम का कहना है कि स्वराज इंडिया बार-बार कह रही थी कि छह महीने में किराया नहीं बढ़ना चाहिए। बीते पांच महीने में रोजाना करीब पांच लाख यात्रियों ने मेट्रो छोड़ दिया है। ऐसे में मेट्रो को किराया बढ़ाने की जगह राजस्व के दूसरे स्रोतों के दोहन की कोशिश करनी चाहिए।
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