दिल्ली मेट्रो टनल के निर्माणकार्य के दौरान ट्रैक पर रोजाना 60 से अधिक ट्रेनें गुजरती रहीं और पटरियों के नीचे मेट्रो ने अपनी लाइन डालने में कामयाबी हासिल की। इस दौरान किसी भी ट्रेन को नहीं रोका गया।
इसके साथ ही मेट्रो ने रिंग रोड से होते हुए शालीमार बाग और आजादपुर मेट्रो स्टेशन जुड़ गए हैं। रिंग रोड पर डीएमआरसी की यह दूसरी टनल है, जो कि ट्विन है।
खास बात यह है कि रिंग रोड पर टनल बनाने से बड़ी कामयाबी उत्तर रेलवे के बिजी अंबाला ट्रैक के 20 मीटर नीचे टनल बनाया है।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने पहली बार उत्तर रेलवे के बिजी ट्रैक के नीचे शिवविहार-मुकुंदपुर लाइन के तहत टनल बनाई है।
दिल्ली मेट्रो के इतिहास में रिंग रोड के बाद उत्तर रेलवे ट्रैक के नीचे का ट्विन टनल इसलिए खास है क्योंकि यहां से जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ आदि जाने के लिए ट्रेनें गुजरती हैं।
दिल्ली मेट्रो ने उत्तर रेलवे के ट्रैक के नीचे खुदाई के दौरान उत्तर रेलवे की ट्रेन की स्पीड को भी कम नहीं होने दिया।