शुरु होने से पहले ही केजरीवाल के निशाने पर रही दिल्ली मेट्रो के दस स्टेशनों को 'कैशलेस' बनाने की डीएमआरसी महत्वकांक्षा धरी की धरी रह गई। यही नहीं फिलहाल के लिए इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
गौरतलब है कि मेट्रो के 'कैशलेस' अभियान पर संदेह करते हुए केजरीवाल समेत अन्य नेताओं ने भी इसकी आलोचना की थी। 'कैशलेस' अभियान के शुरु न हो पाने पर डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि, वर्तमान समय में पेटीएम जैसी ई-वॉलेट कंपनियों का ऐप उपयोग करने लायक नहीं है क्योंकि मेट्रो रोजाना बड़ी संख्या में रुपयों का लेने-देन करता है।
दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने इस योजना पर इसलिए सवाल उठाए थे क्योंकि इस प्रक्रिया में सिर्फ पेटीएम को शामिल किया जा रहा था। उन्होंने इसकी जांच कराने और संबंधित फाइलें देखने की भी मांग की थी।